फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   war of words started after Jawahar Lal Nehru statue vandalised in Burdwan district of Bengal

नेहरू की मूर्ति पर स्हायी फेंकने के बाद कांग्रेस और भाजपा में शुरू हुई जुबानी जंग

Sun, 18 Mar 2018 03:36 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिदनापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिदनापुर Updated Sun, 18 Mar 2018 03:36 PM IST
विज्ञापन
war of words started after Jawahar Lal Nehru statue vandalised in Burdwan district of Bengal
जवाहर लाल नेहरू

देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की पश्चिम बंगाल के बुर्दवान में लगी प्रतिमा पर अज्ञात लोगों ने काली स्हायी फेंक दी थी। जिसके बाद कटवा नगर पालिका ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। हालांकि तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली नगर पालिका ने शिकायत में किसी का नाम नहीं लिया है। वहीं नागरिक निकाय के अध्यक्ष रबिंद्रनाथ चैटर्जी, जो इस क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक रह चुके हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे भाजपा का हाथ हो सकता है। 

विज्ञापन


चैटर्जी के आरोप के बाद स्थानीय भाजपा नेता कृष्णा घोष ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए ममाले की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि हमारे बीच बेशक राजनीतिक भेदभाव हैं लेकिन हमारी पार्टी का कोई भी सदस्य इस तरह के काम नहीं कर सकता है। कांग्रेस ने इस घटना को बहुत बड़ी शर्म की बात करार दिया है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की है। पश्चिम बंगाल के प्रदेश कांग्रेस समिति के सदस्य अनिल सिकारिया ने कहा- जिसने भी यह अपराध किया है उसे पकड़कर सजा देनी चाहिए। यह बहुत बड़ी शर्म का मामला है।  
विज्ञापन


घटना के बाद कांग्रेस समर्थकों ने शहर में प्रदर्शन किया और स्थानीय उप-विभागीय अधिकारी को विज्ञप्ति सौंपते हुए इस मामले की जांच करने और अपराधियों को सजा देने की मांग की। नेहरू की प्रतिमा पर हमला मूर्तियों पर होने वाले हमलों की श्रृंखला में सबसे नया है। मूर्ति पर हमले की शुरुआत त्रिपुरा में कम्युनिस्ट नेता व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा को गिराने के बाद हुई थी। लेनिन की मूर्ति पर हमला भाजपा द्वारा राज्य में विधानसभा चुनावों में मिली जीत के बाद किया गया था। सोशल मीडिया पर इस मामले पर खूब चर्चा भी हुई थी। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में कई विचारधाराओं की समर्थित विभूतियों की और राजनेताओं की मूर्तियों को तोड़ने और स्याही फेंके जाने का सिलसिला शुरू हो गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed