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Supreme Court: वक्फ बोर्ड प्रबंध समिति की याचिका खारिज, कोर्ट ने लंबित मामले को शीघ्रता से तय करने को कहा
Sat, 08 Apr 2023 05:23 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 08 Apr 2023 05:23 AM IST
सार
जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने हाईकोर्ट के 7 मार्च के आदेश के खिलाफ वकील एम सूफियान सिद्दीकी के जरिये से दिल्ली वक्फ बोर्ड की प्रबंध समिति की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social Media
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली वक्फ बोर्ड प्रबंध समिति की याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने महरौली में कुतुब परिसर स्थित मुगल मस्जिद में नमाज पर रोक लगाने वाली भारतीय पुरातत्व सोसायटी (एएसआई) के खिलाफ याचिका की सुनवाई को समय से पहले करने से इन्कार कर दिया था। हालांकि शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट से कहा है कि वह लंबित मामले को उठाए और इसे यथासंभव शीघ्रता से तय करे।
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जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने हाईकोर्ट के 7 मार्च के आदेश के खिलाफ वकील एम सूफियान सिद्दीकी के जरिये से दिल्ली वक्फ बोर्ड की प्रबंध समिति की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया। पीठ ने अपने 5 अप्रैल के आदेश में कहा कि हमें इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं मिला जो पहले से ही हाईकोर्ट के समक्ष लंबित है।
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इसलिए विशेष अनुमति याचिका खारिज की जाती है। पीठ ने कहा कि हालांकि, मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हम हाईकोर्ट से अपील करते हैं कि वह लंबित मामले को देखे और इसे कानून के अनुसार अपनी योग्यता के आधार पर जल्द से जल्द तय करे।
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मुगल मस्जिद में नमाज का मामला
याचिकाकर्ता की दलील
हाईकोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा था कि एएसआई के अधिकारियों ने बिना किसी नोटिस या आदेश के पिछले साल 13 मई से पूरी तरह से गैरकानूनी, मनमाना और जल्दबाजी में मुगल मस्जिद में नमाज पूरी तरह से रोक दी है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह हाईकोर्ट के उस आदेश से व्यथित थे जिसने मामले को 21 अगस्त को फिर से अधिसूचित किया और कहा कि इसी तरह की राहत एक अन्य आवेदन में लंबित है।