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बोहरा-आगाखानी के लिए होगा अलग बोर्ड: बदलेगा वक्फ परिषद का चेहरा, आज प्रवर समिति को भेजा जा सकता है वक्फ बिल

Thu, 08 Aug 2024 10:38 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 08 Aug 2024 10:38 AM IST
सार

केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि विधेयक लाने का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन और संचालन करना है। विधेयक पेश किए जाने के बाद व्यापक विमर्श और सर्वसम्मति के लिए प्रवर समिति को भेजा जा सकता है। दूसरे विधेयक में वक्फ अधिनियम 1995 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता विकास अधिनियम करने का प्रावधान किया गया है।

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Waqf Council to See Changes, Waqf Bill Introduction in Lok Sabha Today News in Hindi
waqf board amendment bill 2024 - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

वक्फ बोर्ड को मिली असीमित शक्तियों पर अंकुश लगाने और बेहतर प्रबंधन व पारदर्शिता के लिए सरकार लोकसभा में बृहस्पतिवार को दो विधेयक पेश कर सकती है। पहले विधेयक के जरिये सरकार मुसलमान वक्फ अधिनियम 1923 को समाप्त करेगी, जबकि दूसरे से मुसलमान वक्फ अधिनियम 1995 में 44 संशोधन किए जाएंगे। सरकार इस विधेयक में बोहरा-आगाखानी के लिए अलग वक्फ बोर्ड का प्रावधान करेगी और किसी की संपत्ति को वक्फ की संपत्ति घोषित करने के अधिकार से संबंधित धारा 40 को समाप्त कर देगी।

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केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि विधेयक लाने का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन और संचालन करना है। विधेयक पेश किए जाने के बाद व्यापक विमर्श और सर्वसम्मति के लिए प्रवर समिति को भेजा जा सकता है। दूसरे विधेयक में वक्फ अधिनियम 1995 का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता विकास अधिनियम करने का प्रावधान किया गया है। इसमें वक्फ बोर्डों के केंद्रीय परिषद और ट्रिब्यूनल की संरचना में व्यापक बदलाव लाने का भी प्रावधान है। मसलन केंद्रीय परिषद और राज्य वक्फ बोर्ड में दो महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य बनाया जाएगा। इसके अलावा कानून में संशोधन के बाद अब वक्फ ट्रिब्यूनल के आदेश को 90 दिन के अंदर हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी। वक्फ संपत्तियों के सर्वेक्षण के लिए सर्वे कमिश्नर का अधिकार अब जिला कलेक्टर या उसके की ओर से नामित डिप्टी कलेक्टर के पास होगा।
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विधेयक की खास बातें

  • सरकार वक्फ अधिनियम, 1923 को वापस लेगी
  • पारदर्शिता, बेहतर प्रबंधन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए 44 संशोधन
  • आगाखानी व बोहरा वक्फ को परिभाषित किया जाएगा
  • पांच साल तक मुस्लिम धर्म का पालन करने वालों की संपत्ति वक्फ हासिल कर सकेगा
  • वक्फ के धन से विधवा, तलाकशुदा व अनाथों के कल्याण के लिए सरकार के सुझाए तरीके से काम करने होंगे
  • संपत्ति वक्फ को देने के दौरान उत्तराधिकारियों और महिलाओं के अधिकार नहीं छीने जा सकेंगे
  • रजिस्टर्ड वक्फ संपत्तियों को 6 माह में पोर्टल पर डालना होगा
  • वक्फ संपत्तियों से मिलने वाले भू राजस्व, सेस, उसका रेट, कर, आय, कोर्ट मामले की जानकारी भी बतानी होगी
  • सरकारी संपत्ति को वक्फ अपनी संपत्ति घोषित नहीं कर पाएगा


क्या होंगे बदलाव

  • मुसलमान वक्फ कानून 1923 होगा खत्म
  • वक्फ अधिनियम होगा एकीकृत वक्फ प्रबंधन कानून, धारा 40 होगी खत्म, इससे मिलता है किसी की संपत्ति को वक्फ की संपत्ति घोषित करने का अधिकार
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2013 में वक्फ अधिनियम में लाए बदलाव से हलचल
दरअसल, यूपीए-2 सरकार के दौरान 2013 में वक्फ अधिनियम में संशोधन कर वक्फ बोर्ड को किसी की भी संपत्ति को अपनी संपत्ति घोषित करने और वक्फ बोर्ड के निर्णयों को किसी भी कोर्ट में चुनौती देने का अधिकार खत्म करने जैसे बदलाव किए गए थे। सरकारी सूत्रों के अनुसार तब से मुस्लिम समाज से जुड़े व्यक्तियों व संगठनों की करीब 60 हजार शिकायतें सरकार के पास लंबित हैं। इन सभी शिकायतों में वक्फ बोर्ड में भारी अनियमितता व जबरन संपत्ति पर कब्जा जैसी समान बातें थीं।



अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री होंगे अध्यक्ष
संशोधन विधेयक में वक्फ परिषद में भी आमूलचूल बदलाव का प्रावधान है। मसलन परिषद के अध्यक्ष अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री होंगे। तीन सांसद, मुसलमानों के तीन प्रतिनिधि, मुस्लिम कानून के तीन जानकार, सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के दो पूर्व जज, एक वरिष्ठ वकील, देश की चार नामचीन हस्तियां व केंद्र सरकार के अतिरिक्त या संयुक्त स्तर के अधिकारी व दो महिलाएं इसकी सदस्य होंगी।

विपक्ष ने की वक्फ बिल को संसदीय समिति को भेजने की मांग
विपक्षी दलों ने बुधवार को सरकार से आग्रह किया कि वक्फ (संशोधन) विधेयक को पेश किये जाने के बाद इस पर विचार करने के लिए संसद की स्थायी समिति को भेजा जाए। वहीं सरकार ने कहा कि कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की भावना का आकलन करने के बाद वह इस पर फैसला करेगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकार बृहस्पतिवार को लोकसभा में विधेयक पेश होने के बाद इसे पारित कराने के लिए दबाव नहीं डालेगी।

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