Waqf Law: वक्फ कानून में संशोधन पर नकवी बोले- इसकी जरूरत है; कांग्रेस सांसद ने कहा- पहले बिल पर चर्चा जरूरी
केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड की शक्तियों में कटौती करने की तैयारी में है। निकट भविष्य में वक्फ बोर्ड पहले की तरह किसी भी संपत्ति को स्वेच्छा से अपनी संपत्ति नहीं घोषित कर पाएंगे। उन्हें अपने बोर्डों में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करनी होगी।
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विस्तार
संसद में वक्फ कानून में संशोधन विधेयक लाने की केंद्र सरकार की तैयारी को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। वक्फ कानून संशोधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि वक्फ सिस्टम को मुझे मत छुओ की सोच से बाहर निकालने की जरूरत है। एक समावेशी सुधार पर सांप्रदायिक मानसिकता थोपना न तो देश के लिए अच्छा है और न ही समुदाय के लिए बेहतर है। लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान वक्फ और वक्त दोनों के लिए अच्छा है। सरकार का जो भी प्रस्ताव हो, लेकिन मेरा यही मानना है कि इसकी जरूरत है।
#WATCH | Delhi: On media reports that the central government is likely to bring a bill to curb the powers of the Waqf Board over assets, former Union Minister & BJP Leader Mukhtar Abbas Naqvi says, "It's needed to take out the Waqf system from the 'touch me not' thinking. Neither… pic.twitter.com/6nShBJLr9Q
— ANI (@ANI) August 5, 2024विज्ञापन
कुछ परिवारों के लिए जमींदारी व्यवस्था का नया सिस्टम है वक्फ: पूनावाला
भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि लंबे समय से मुस्लिम समुदाय वक्फ को लेकर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा था। वक्फ बोर्ड की प्रणाली तीसरी सबसे बड़ी भूमि का स्वामित्व रखती है। इसके पास लाखों करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसकी आय 200 करोड़ रुपये से कम है। वक्फ 10-15 प्रभावशाली परिवारों के लिए जमींदारी व्यवस्था और जमीन पर अतिक्रमण का नया माध्यम बन गया है।
#WATCH | Delhi: On media reports that the central government is likely to bring a bill to curb the powers of the Waqf Board over assets, Congress MP Pramod Tiwari says, "...If a new bill is being introduced then it should be discussed. Before presenting it in front of the… pic.twitter.com/hybTKtVfcx
— ANI (@ANI) August 5, 2024
वहीं कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि यदि संसद में कोई नया विधेयक पेश किया जा रहा है तो उस पर चर्चा होनी चाहिए। सरकार को बिल को विपक्ष के सामने पेश किया जाना चाहिए। कम से कम अपने सहयोगी दल जेडीयू और टीडीपी से इस पर चर्चा करनी चाहिए।
भाजपा- आरएसएस छीनना चाहती है वक्फ संपत्तियां: सीपीआई
सीपीआई महासचिव डी राजा ने कहा कि वक्फ कानून में संशोधन ने अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों के मन में तमाम आशंकाएं पैदा कर दी हैं। भाजपा-आरएसएस वक्फ को समाप्त करने और उसकी संपत्तियों को छीनना चाहते हैं। इसलिए कानून संशोधन को लेकर न तो संसद के अंदर कोई बहस हो रही है और न ही संसद के बाहर। जैसे तीन नए आपराधिक कानून को गृहमंत्री ने सही ठहराया। जबकि इनके विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। उसी तरह वक्फ बोर्ड में संशोधन प्रस्तावित किए जा रहे हैं। भाजपा-आरएसएस अपने भयावह एजेंडे को लोगों पर थोपने की कोशिश कर रही है। यह हमारे समाज के धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक ढांचे और संविधान के लिए एक गंभीर खतरा है।
यह बदलाव करने जा रही सरकार
केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड की शक्तियों में कटौती करने की तैयारी में है। निकट भविष्य में वक्फ बोर्ड पहले की तरह किसी भी संपत्ति को स्वेच्छा से अपनी संपत्ति नहीं घोषित कर पाएंगे। उन्हें अपने बोर्डों में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करनी होगी। मोदी सरकार सोमवार को लोकसभा में वक्फ बोर्ड अधिनियम-1954 में संशोधन के लिए विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। विधेयक के मसौदे पर कैबिनेट की मुहर लग चुकी है। विधेयक पेश होने से पहले भाजपा सहयोगियों को साधने में जुट गई है। संशोधन विधेयक में सबसे अहम प्रावधान वक्फ बोर्ड की शक्तियां कम करने का है। विधेयक के प्रावधान के मुताबिक राज्य वक्फ बोर्ड के दावे वाली विवादित जमीन का नए सिरे से सत्यापन होगा। बोर्ड जिन संपत्तियों पर दावा करेंगे उसका सत्यापन अनिवार्य होगा। उन विवादित संपत्तियों के सत्यापन का भी प्रावधान है, जहां वक्फ और मालिकों के बीच विवाद है।