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समान वेतन नियम को लागू करने की तैयारी में सरकार, जल्द मिल सकती है कैबिनेट की मंजूरी
Mon, 24 Jun 2019 10:01 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 24 Jun 2019 10:01 AM IST
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श्रम कानून
- फोटो : Social Media
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केंद्र सरकार जल्द ही श्रमिक वर्ग के लिए समान वेतन संहिता विधेयक को लागू कर सकती है। इस विधेयक को श्रम मंत्रालय अगले सप्ताह कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश कर सकता है। इससे देश भर के श्रमिक वर्गो को फायदा होगा।
श्रम कानूनों में सुधार को लिए वेतन संहिता विधेयक को 10 अगस्त 2017 को 16वीं लोकसभा में पेश किया गया था। इसके बाद 21 अगस्त 2017 को यह बिल संसद की स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया गया। जिसके बाद कमेटी ने 18 दिसंबर 2018 को अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी। लेकिन, 16वीं विधानसभा के भंग होने के कारण यह विधेयक पास नहीं हो पाया था।
अब इस विधेयक को संसद के किसी भी सदन में पेश करने से पहले श्रम मंत्रालय को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी लेना आवश्यक है। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस विधेयक को इसी सत्र में पारित करवाने पर जोर दे रही है।
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इस विधेयक में प्रावधान है कि केंद्र सरकार रेलवे, खनन जैसे कुछ क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय करेगी, जबकि राज्य न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र होंगे। विधेयक के ड्रॉफ्ट में कहा गया है कि न्यूनतम मजदूरी को हर पांच साल में संशोधित किया जाएगा।
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श्रम कानूनों में सुधार को लिए वेतन संहिता विधेयक को 10 अगस्त 2017 को 16वीं लोकसभा में पेश किया गया था। इसके बाद 21 अगस्त 2017 को यह बिल संसद की स्टैंडिंग कमेटी को भेज दिया गया। जिसके बाद कमेटी ने 18 दिसंबर 2018 को अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी थी। लेकिन, 16वीं विधानसभा के भंग होने के कारण यह विधेयक पास नहीं हो पाया था।
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अब इस विधेयक को संसद के किसी भी सदन में पेश करने से पहले श्रम मंत्रालय को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी लेना आवश्यक है। सूत्रों के अनुसार, सरकार इस विधेयक को इसी सत्र में पारित करवाने पर जोर दे रही है।
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इस विधेयक में प्रावधान है कि केंद्र सरकार रेलवे, खनन जैसे कुछ क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी तय करेगी, जबकि राज्य न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र होंगे। विधेयक के ड्रॉफ्ट में कहा गया है कि न्यूनतम मजदूरी को हर पांच साल में संशोधित किया जाएगा।
पुराने 44 कानूनों की जगह लेंगी चार नई संहिताएं
श्रम मंत्रालय इस विधेयक के जरिए पुरानी हो चुकी 44 कानूनों को खत्म करने की तैयारी में है। इनकी जगह चार नई संहिताएं लागू होंगी। ये चार संहिताएं वेतन, सामाजिक सुरक्षा, औद्योगिक सुरक्षा एवं कल्याण और औद्योगिक संबंध हैं।वेतन संहिता विधेयक लागू होने से ये कानून होंगे निष्क्रिय
श्रम कानून
- मजदूरी भुगतान अधिनियम 1936
- न्यूनतम मजदूरी कानून 1948
- बोनस भुगतान कानून 1965
- समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976