भारतीय इतिहास पर बोले उपराष्ट्रपति नायडू, जिन्होंने देश को लूटा उन्हें बताया गया महान
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि औपनिवेशिक शासन काल की वजह से हमारे इतिहास को काफी तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है, जिस कारण हमारा वास्तविक इतिहास हमारे सामने प्रस्तुत नहीं हो पाया। पुणे में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि मेरा मानना है कि पुरातत्व में इतिहास को फिर से बनाने और फिर से सही करने की जबरदस्त क्षमता है। औपनिवेशिक अतीत की वजह से हमारे इतिहास को बहुत ज्यादा तोड़ा-मरोड़ा गया है।
Vice President: But history is not properly projected, lot of distortions have been made by colonial rulers to show us in poor light. To kill our spirit, this happened intentionally...People who came, attacked, ruled, ruined, looted, cheated us, we're taught they're great people. https://t.co/yflmTEyN2M
— ANI (@ANI) September 26, 2019विज्ञापन
उन्होंने कहा कि भारत कभी 'विश्व गुरु' के रूप में जाना जाता था। लोग कहते हैं कि हमारी जीडीपी लगभग 20 फीसदी थी। भारत ने कभी भी किसी दूसरे देश पर हमला नहीं किया। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि लेकिन इतिहास का सही अनुमान नहीं लगाया गया है, औपनिवेशिक शासकों द्वारा हमें इतिहास को बुरा दिखाने के लिए बहुत सारी तोड़-मरोड़ की गई हैं। यह सारे कृत्य जानबूझकर किए गए ताकि हमारी आत्मा मर जाए।
Vice President M Venkaiah Naidu, in Pune, Maharashtra: But there is not much about Shivaji Maharaj, Basaveshwara, Gyaneshwar, Rani Laxmi Bai, Shankaracharya. That is why I say that we have to present the real history to the people. pic.twitter.com/LLkWHnTXd4
— ANI (@ANI) September 26, 2019
उन्होंने कहा कि जो लोग भारत में आए, उन्होंने हमला किया, शासन किया, देश को बर्बाद किया, लूटा, हमें धोखा दिया, और हमें सिखाया जाता हैं कि वे महान लोग हैं। लेकिन इतिहास में शिवाजी महाराज, बसवेश्वर, ज्ञानेश्वर, रानी लक्ष्मी बाई, शंकराचार्य के बारे में बहुत कुछ नहीं है। इसलिए मैं कहता हूं कि हमें वास्तविक इतिहास को लोगों के सामने प्रस्तुत करना होगा।
उपराष्ट्रपति ने एक साथ चुनाव कराए जाने की वकालत की
कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने देश में एक साथ चुनाव कराने की बात भी की। उपराष्ट्रपति ने लोक निर्माण कार्यों में भटकाव या उनकी गति धीमी होने से बचने के लिए पूरे भारत में एक साथ चुनाव कराने की जोरदार वकालत की।
उन्होंने कहा कि देश में बार-बार चुनाव होना चिंता का विषय है क्योंकि जैसे ही चुनाव आते हैं, हरेक को पहले से तय फॉर्मूले का पालन करना होता है।
नायडू ने अपने संबोधन में कहा कि डेढ महीने के लिए चुनाव, चयन और संशोधन एवं आदर्श आचार संहिता। इसलिए देश हित इसी में है कि देशभर में 15 दिनों के भीतर व्यापक स्तर पर एक साथ चुनाव कराए जाए ताकि लोक कार्य से किसी प्रकार का भटकाव नहीं हो, वह कमजोर या धीमा नहीं हो।
निर्वाचन आयोग ने हाल में महाराष्ट्र में विधान सभा चुनाव की तारीख की घोषणा की है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि चुनाव 21 अक्टूबर को एक चरण में होगा। मतगणना 24 अक्टूबर को होगी। महाराष्ट्र की 288 सीटों वाली विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को समाप्त होगा।