{"_id":"5caf4364bdec2214046f0bb1","slug":"voting-in-jora-farm-village-in-jammu-kashmir-for-lok-sabha-elections-2019","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमा पार गोलीबारी में तबाह हो गई इस गांव के बाशिंदों की जिंदगी, लेकिन कायम है लोकतंत्र पर भरोसा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सीमा पार गोलीबारी में तबाह हो गई इस गांव के बाशिंदों की जिंदगी, लेकिन कायम है लोकतंत्र पर भरोसा
Thu, 11 Apr 2019 07:08 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोरा फार्म (जम्मू-कश्मीर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोरा फार्म (जम्मू-कश्मीर)
Published by: Gaurav Pandey
Updated Thu, 11 Apr 2019 07:08 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमा पार से जारी गोलीबारी में इन लोगों का घर बार सब तबाह हो चुका है लेकिन संसदीय लोकतंत्र में इनका विश्वास कम नहीं हुआ है। इसी भरोसे के चलते इस सीमावर्ती गांव जोराफार्म के लोगों ने अपने शांतिपूर्ण और बेहतर भविष्य के लिए मतदान में हिस्सा लिया।
विज्ञापन
पाकिस्तान के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय हिस्से में सीमा पर बसे आखिरी गांव जोराफार्म में 400 मतदाता हैं। राजनीतिक पार्टियों को लेकर इनकी पसंद अलग-अलग भले ही हो लेकिन सभी की एक साझा पसंद भी है। जिस साझा पसंद के लिए ये लोग मतदान करने गए वहा है- स्थायी शांति और विकास।
विज्ञापन
सीमा पर लगी बाड़ से मात्र 400 मीटर की दूरी पर स्थित यह गांव जम्मू संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। यहां लोकसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को मतदान हुआ।
विज्ञापन
गांव के लोगों के लिए आज का दिन खास था क्योंकि एक बार फिर से उनके दिलों में शांति की उम्मीदें नए सिरे पंख फैलाने लगीं। सुबह-सुबह ही अधिकतर गांव वाले घोड़ागाड़ियों में बैठकर मतदान केंद्र के लिए निकल पड़े जो समीप के जाजवाल गांव में बनाया गया था।
35 साल के मोहम्मद शफी ने पीटीआई भाषा को बताया, ‘हमने शांति और विकास के लिए वोट डाला... शांति बहुत जरूरी है क्योंकि पाकिस्तान जब भी अग्रिम चौकियों और गांवों को निशाना बनाता है तो उसका खामियाजा सबसे पहले हमें भुगतना पड़ता है।’
उन्होंने कहा, ‘हमारे गांव की हालत देखिए... यहां पेयजल आपूर्ति और ढंग की सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं जबकि पाकिस्तानी गोलीबारी में हम सबसे अधिक नुकसान उठा रहे हैं।’
जम्मू से करीब 35 किलोमीटर दूर जोराफार्म गांव में सौ से अधिक परिवारों के कच्चे घर जनवरी और मई में पाकिस्तान की गोलीबारी में जलकर राख हो गए थे।
इस गांव को ‘गुज्जर दूधियों के गांव’ के नाम से भी जाना जाता है। पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बाद भी पिछले कुछ महीनों से गांव में शांति है और पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी भी नहीं हुई है।
जाजवाल मतदान केंद्र के निर्वाचन अधिकारी अनुरोध कुमार भट ने बताया कि दोपहर तक 742 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इनमें से 303 पुरूष और 123 महिला मतदाता थीं ।
इस सीट पर भाजपा सांसद जुगल किशोर फिर से किस्मत आजमा रहे हैं। यहां कुल 24 उम्मीदवार मैदान में हैं, इनमें कांग्रेस के रमन भल्ला, डोगरा स्वाभिमान संगठन के चौधरी लाल सिंह और नेशनल पैंथर्स पार्टी के भीम सिंह प्रमुख हैं।