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बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण और दस राज्यों की 54 सीटों के लिए मतदान शुरू
Tue, 03 Nov 2020 02:38 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 03 Nov 2020 02:38 AM IST
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बिहार विधानसभा चुनाव 2020 - दूसरे चरण के चुनाव के साथ दस राज्यों की 54 विधानसभा सीटों पर चुनाव
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बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और चिराग पासवान समेत कई नेताओं ने अपना वोट डाल दिया है। इसके साथ ही दस अन्य राज्यों की 54 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए भी मतदान शुरू हो गया है। इनमें से 28 सीटें मध्यप्रदेश की हैं। बिहार में पहले चरण में 71 सीटों पर मतदान हुआ था।
राज्यों की विधानसभाओं में फिलहाल 63 सीटें खाली हैं। इनमें से कुल 56 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, और जिनमें से 54 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। इन उपचुनावों के नतीजे दस नवंबर को घोषित कर दिए जाएंगे। मणिपुर की दो विधानसभा सीटों पर सात नवंबर को मतदान होगा। वहीं, केरल, तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में वहां की सात सीटों पर उपचुनाव टाल दिए गए हैं।
केंद्र सरकार का रिपोर्ट कार्ड तय होगा
ये चुनाव केवल खाली सीटों को भरने का काम ही नहीं करेंगे बल्कि कोरोना काल में जनता की नजर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी तय करेंगे। ऐसे में ये उपचुनाव देश की राजनीति के लिए खासे अहम साबित हो सकते हैं।
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मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर मतदान
आज मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। इसके साथ ही गुजरात में आठ, उत्तर प्रदेश में सात, कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड और नागालैंड में दो-दो और तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा में एक-एक विधानसभा सीट पर जनता अपना वोट दे रही है।
मध्यप्रदेश में जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 25 सीटें वही हैं जहां कांग्रेस के विधायक ने इस्तीफा देकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी और शिवराज सिंह चौहान दोबारा मुख्यमंत्री चुने गए थे। बाकी तीन सीटें विधायकों के निधन के बाद खाली हो गई थीं।
मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से वर्तमान में भाजपा के 107 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 88, चार निर्दलीय, दो बसपा और एक सपा का विधायक है। भाजपा को बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए इस उपचुनाव में मात्र नौ सीटों पर जीत दर्ज करने की जरूरत है, जबकि कांग्रेस को इसके लिए सभी 28 सीटों पर जीत हासिल करनी होगी।
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राज्यों की विधानसभाओं में फिलहाल 63 सीटें खाली हैं। इनमें से कुल 56 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, और जिनमें से 54 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। इन उपचुनावों के नतीजे दस नवंबर को घोषित कर दिए जाएंगे। मणिपुर की दो विधानसभा सीटों पर सात नवंबर को मतदान होगा। वहीं, केरल, तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में वहां की सात सीटों पर उपचुनाव टाल दिए गए हैं।
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केंद्र सरकार का रिपोर्ट कार्ड तय होगा
ये चुनाव केवल खाली सीटों को भरने का काम ही नहीं करेंगे बल्कि कोरोना काल में जनता की नजर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी तय करेंगे। ऐसे में ये उपचुनाव देश की राजनीति के लिए खासे अहम साबित हो सकते हैं।
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मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर मतदान
आज मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। इसके साथ ही गुजरात में आठ, उत्तर प्रदेश में सात, कर्नाटक, ओडिशा, झारखंड और नागालैंड में दो-दो और तेलंगाना, छत्तीसगढ़, हरियाणा में एक-एक विधानसभा सीट पर जनता अपना वोट दे रही है।
मध्यप्रदेश में जिन 28 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनमें से 25 सीटें वही हैं जहां कांग्रेस के विधायक ने इस्तीफा देकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी और शिवराज सिंह चौहान दोबारा मुख्यमंत्री चुने गए थे। बाकी तीन सीटें विधायकों के निधन के बाद खाली हो गई थीं।
मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल 230 सीटों में से वर्तमान में भाजपा के 107 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 88, चार निर्दलीय, दो बसपा और एक सपा का विधायक है। भाजपा को बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए इस उपचुनाव में मात्र नौ सीटों पर जीत दर्ज करने की जरूरत है, जबकि कांग्रेस को इसके लिए सभी 28 सीटों पर जीत हासिल करनी होगी।