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अब नेत्रहीन कहलाएंगे दृष्टिबाधित, मूक और बधिरों के लिए प्रयोग होगा ये नया शब्द
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sun, 21 Jan 2018 01:33 AM IST
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नेत्रहीन
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रेलवे ने नेत्रहीन, मूक और बधिरों के लिए नया शब्द दिया है। रेलवे बोर्ड के निदेशक यात्री विपणन शैली श्रीवास्तव ने इस बारे में एक सर्कुलर जारी किया है। इसके अनुसार, नेत्रहीनों को अब दृष्टिबाधित, मूक व बधिरों को श्रवण एवं वाग दोष युक्त व्यक्ति कहा जाएगा। इससे पहले विकलांगों को दिव्यांगजन कहने का निर्देश दिया गया था।
आदेश में रेलवे ने वाणिज्यिक विभाग से कहा है कि रियायत फार्म में बदलाव किया जाए। हालांकि पुराने प्रोफार्मा में जारी किए गए प्रमाणपत्र वैधता अवधि के खत्म होने तक वैध रहेंगे। मौजूदा शब्दों में बदलाव एक फरवरी से अमल में आ जाएंगे। सेंटर फार रेलवे इंफारमेशन सिस्टम, आईआरसीटीसी व क्षेत्रीय रेलवे को अपनी वेबसाइट पर संशोधित प्रोफार्मा अपडेट करने कहा गया है। क्षेत्रीय रेलवे को असुविधा से बचने के लिए संशोधित प्रोफार्मा का प्रिंट निकालकर सभी स्थानों, स्टेशनों पर उपलब्ध कराने के साथ ही आवश्यक आदेश जारी करने का निर्देश दिया गया है। के माध्यम से तापमान होगा अपडेट
गूगल प्ले स्टोर से इस वॉच का ऐप डाउनलोड करना पड़ेगा, जो एंड्रायड समेत आईफोन वर्जन पर भी चलेगा। ब्लूटूथ के माध्यम से डिवाइस को ई-मेल व मोबाइल फोन से जोड़ा जा सकेगा। नवजात का तापमान कम या ज्यादा होगा तो अलार्म अलर्ट करेगा। इससे डॉक्टर प्रति मिनट नवजात के तापमान की जानकारी रहेगी, जिससे धड़कन कम होने पर उसे मृत नहीं मान लिया जाएगा। बल्कि तापमान कम होने पर उसे गहन चिकित्सा में रखते हुए इलाज होगा।
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आदेश में रेलवे ने वाणिज्यिक विभाग से कहा है कि रियायत फार्म में बदलाव किया जाए। हालांकि पुराने प्रोफार्मा में जारी किए गए प्रमाणपत्र वैधता अवधि के खत्म होने तक वैध रहेंगे। मौजूदा शब्दों में बदलाव एक फरवरी से अमल में आ जाएंगे। सेंटर फार रेलवे इंफारमेशन सिस्टम, आईआरसीटीसी व क्षेत्रीय रेलवे को अपनी वेबसाइट पर संशोधित प्रोफार्मा अपडेट करने कहा गया है। क्षेत्रीय रेलवे को असुविधा से बचने के लिए संशोधित प्रोफार्मा का प्रिंट निकालकर सभी स्थानों, स्टेशनों पर उपलब्ध कराने के साथ ही आवश्यक आदेश जारी करने का निर्देश दिया गया है। के माध्यम से तापमान होगा अपडेट
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गूगल प्ले स्टोर से इस वॉच का ऐप डाउनलोड करना पड़ेगा, जो एंड्रायड समेत आईफोन वर्जन पर भी चलेगा। ब्लूटूथ के माध्यम से डिवाइस को ई-मेल व मोबाइल फोन से जोड़ा जा सकेगा। नवजात का तापमान कम या ज्यादा होगा तो अलार्म अलर्ट करेगा। इससे डॉक्टर प्रति मिनट नवजात के तापमान की जानकारी रहेगी, जिससे धड़कन कम होने पर उसे मृत नहीं मान लिया जाएगा। बल्कि तापमान कम होने पर उसे गहन चिकित्सा में रखते हुए इलाज होगा।
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