Vishva Hindu Parishad: अल-जवाहिरी की मौत से सीखे देश, आतंकियों को पालने नहीं, मारने की नीति अपनाने की जरूरत
Vishva Hindu Parishad: विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि कुछ लोग देश को कट्टरता की आग में झोंककर 1946 जैसी स्थिति दोबारा पैदा करना चाहते हैं। देश को बार-बार श्रीलंका जैसी स्थिति में होने और पीएम आवास पर प्रदर्शन करने की बात कही जा रही है...
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विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कहा है कि देश को अमेरिका से सीखना चाहिए कि आतंकवादियों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए। संगठन ने कहा है कि आतंकियों को जांच के नाम पर वर्षों तक जेल में पालने की बजाय उन्हें अल-जवाहिरी की तरह तत्काल मारने की नीति अपनानी चाहिए। विहिप ने मांग की है कि पीएफआई की गतिविधियों को देखते हुए उस पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। संगठन का आरोप है कि पीएफआई देश के मुस्लिम वर्ग को धर्म के नाम पर भड़काने की कोशिश कर रहा है। यदि इसमें देरी की गई तो इसके भयावह परिणाम हो सकते हैं।
विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि 'हर हर शम्भो' गीत की गायिका फरमानी नाज केवल भजन गायन करने का काम करती हैं, लेकिन इसके लिए भी फतवा जारी कर उन्हें डराने का काम किया जा रहा है। यह घटना साबित करती है कि इस्लामिक चरमपंथी देश को केवल अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं। वे बार-बार 'सर तन से जुदा' करने के डरावने नारे लगा रहे हैं, लेकिन अब देश को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए।
डॉक्टर सुरेंद्र जैन ने कहा कि कुछ लोग देश को कट्टरता की आग में झोंककर 1946 जैसी स्थिति दोबारा पैदा करना चाहते हैं। देश को बार-बार श्रीलंका जैसी स्थिति में होने और पीएम आवास पर प्रदर्शन करने की बात कही जा रही है। यह अर्थव्यवस्था के नाम पर देश के एक वर्ग को भड़काने की साजिश है। इस पर तुरंत प्रतिबंध लगना चाहिए।