नहीं थम रहा जिन्ना विवाद, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष बोले- उन्हें नहीं मान सकता राष्ट्रपुरुष
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर बढ़ता विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस विवाद में विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे का बयान आया है। उनका कहना है कि जिन्ना को किसी भी पैमाने से राष्ट्रपुरुष नहीं माना जा सकता है और हिंदुस्तान में उसे सम्मान का स्थान नहीं मिलना चाहिए।
इस विवाद पर उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान का जनक मुहम्मद अली जिन्ना इस देश का दुश्मन था। इसके बाद पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने विश्वविद्यालय के परिसर में लगी जिन्ना की तस्वीर को लेकर हंगामा करने वालों बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी छात्रों की मांग का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि हंगामे का समय और इसे ‘सही साबित करने के लिए गढ़े जा रहे तर्क’ सवाल खड़े कर रहे हैं।
इस विवाद के बीच बहराइच से भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने जिन्ना को महापुरुष करार देते हुए कहा था कि आजादी की लड़ाई में जिन्ना का योगदान था। इसलिए जिन्ना की तस्वीर को जहां भी लगाए जाने की जरूरत है उस जगह पर लगाई जानी चाहिए। बता दें कि जिन्ना की तस्वीर को लेकर उठा विवाद तब उठा था जब अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम ने इस मामले को उठाया था।
मुहम्मद अली 1938 में अलीगढ़ यूनिवर्सिटी आए थे। उन्हें यूनियन द्वारा कई अन्य लोगों की तरह मानद उपाधि दी गई थी। छात्रसंघ ने 1920 में आजीवन सदस्यता देने की शुरुआत की थी। तब महात्मा गांधी और जिन्ना को भी सदस्यता मिली थी और तभी से वहां जिन्ना की तस्वीर लगाई गई थी।
Muhammad Ali Jinnah ko kisi bhi paimane se rashtrapurush nahi mana ja sakta hai aur Hindustan mein use samaan ka sthan nahi milna chahiye: Vishnu Sadashiv Kokje, International President, Vishva Hindu Parishad on Jinnah portrait row (12.05.18) pic.twitter.com/e26zNilbmD
— ANI (@ANI) May 13, 2018