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मणिपुर में नई सरकार के गठन के 24 घंटे के अंदर भड़की हिंसा: चुराचांदपुर में तनाव, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
Thu, 05 Feb 2026 09:43 PM IST
राहुल कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल/चुराचांदपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल/चुराचांदपुर।
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 05 Feb 2026 09:43 PM IST
सार
मणिपुर में नई सरकार के गठन के महज 24 घंटे के भीतर ही एक बार फिर से हिंसा भड़क उठी है। राज्य के मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए, जहां सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला।
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मणिपुर में तनाव। (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में बृहस्पतिवार को उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए, जब लोकप्रिय सरकार गठन के विरोध में तुइबोंग इलाके में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए। पूरे दिन जिले में माहौल तनावग्रस्त बना रहा। प्रशासन को बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी।
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शाम को हालात और बिगड़ गए, जब प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए सुरक्षाबलों को हल्का बल का प्रयोग करना पड़ा। हालांकि, विरोध प्रदर्शन सुबह से ही जारी गए थे। लेकिन प्रदर्शनकारियों का आक्रोश उस समय और भड़क उठा, जब कुकी विधायकों की तरफ से नई सरकार को समर्थन दिए जाने की जानकारी सामने आई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विधायकों ने समुदाय की भावना की अनदेखी करते हुए यह कदम उठाया है, जबकि क्षेत्र में अलग प्रशासनिक व्यवस्था की मांग लंबे समय से उठती रही है।
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प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक अलग प्रशासन की उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक इस सरकार को स्वीकार नहीं करेंगे। हालात उस समय बिगड़े जब कुकी विधायकों की मौजूदगी में सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन, विधायक एलएम खौटे और नगुरसांगलुर सानाते शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने इस घटनाक्रम को समुदाय की आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात करार दिया।
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आत्मदाह की कोशिश से बढ़ी चिंता
जानकारी के मुताबिक आंदोलन ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया, जब दो प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास किए जाने की सूचना मिली। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल लिया, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। शाम करीब छह बजे के बाद हालात एक बार फिर बिगड़े और छिटपुट झड़पों की घटनाएं सामने आईं। इन झड़पों में कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी पुष्टि हुई है, हालांकि किसी की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है।
पहले से दी गई थी चेतावनी
इससे पहले कुकी समुदाय के कुछ संगठनों और वर्गों ने कुकी विधायकों को चेतावनी दी थी कि यदि पॉपुलर गवर्नमेंट का गठन होता है, तो वे उसका समर्थन न करें। प्रशासन ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।