आईफोन फैक्ट्री में तोड़फोड़: क्यों नाराज हैं कर्मचारी, जानें क्या कुछ हुआ था उस दिन
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 12 दिसंबर को एप्पल आईफोन बनाने वाली फैक्ट्री विस्ट्रॉन में हजारों कर्मचारियों ने वेतन नहीं दिए जाने की शिकायत करते हुए कार्यालय में तोड़फोड़ की थी। इससे कंपनी को करीब 437 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शनिवार को कहा कि कर्मचारियों द्वारा की गई बर्बरता भारत में निवेश को प्रभावित कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटन पर चिंता जताई है। आइए बताते हैं कि क्यों आईफोन फैक्ट्री में तोड़फोड़ हुई...
आईफोन फैक्ट्री में तोड़फोड़ की घटना के एक सप्ताह बाद राज्य सरकार ने अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए हिंसा का कारण और मजदूरों की असंतुष्ट के बारे में बताया।एप्पल कंपनी में हिंसा के मामले में 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।
वाइस प्रेसिडेंट को निकाला, कर्मचारियों से मांगी माफी
ताइवान की कंपनी विस्ट्रॉन कॉरपोरेशन ने कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट को नौकरी से निकल दिया है। उनकी जिम्मेदारी भारत में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग के बिजनस को देखने की थी। विस्ट्रॉन ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि कर्मचारियों ने ये कदम उनके पूरे पैसे ना मिलने और काम की खराब स्थिति की वजह से उठाया था। कंपनी ने अपने बयान में सभी कर्मचारियों से माफी भी मांगी है।
क्यों फूटा कर्मचारियों का गुस्सा ?
विस्ट्रॉन ने 12 दिसंबर को ताइवान स्टॉक एक्सचेंज को कोलार जिले के नरसापुरा के अपने आईफोन विनिर्माण संयंत्र में हिंसा की जानकारी दी थी। कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि उन्हें सही तरीके से वेतन नहीं दिया जाता है। यह भी शिकायत थी कि महिलाओं को नियुक्त किया जाता है, लेकिन उनके लिए उचित व्यवस्था नहीं है। उनसे आठ के बजाय 12 घंटे काम लिया जाता है। कंपनी की तरफ से उनकी तमाम शिकायतों को अनसुना किया जाता रहा और एक दिन कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा।
घटना के वक्त करीब 2,000 कर्मचारियों में से अधिकांश अपनी नाइट-शिफ्ट पूरी करने के बाद कंपनी से बाहर निकल रहे थे, तभी वे उग्र हो गए और फर्नीचर, असेंबली इकाइयों को क्षति पहुंचाने पर उतारू हो गए और वाहनों में भी आग लगाने का प्रयास किया। आगजनी के दौरान कुछ साथी कर्मचारियों ने घटना का वीडियो शूट कर लिया, जिसमें भीड़ को दरवाजों और शीशों को तोड़ते, कारों को उल्टा करते और वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालयों को निशाना बनाते हुए देखा गया।
कंपनी को 437 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ
इस तोड़फोड़ से कंपनी को 437 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी जानकारी विस्ट्रॉन ने पुलिस को दी है। इस संबंध में कंपनी ने पुलिस और कर्मचारी विभाग में मामला दर्ज कराया है। कंपनी की ओर से लिखित शिकायत में कहा गया है कि इस तोड़फोड़ से उसे करीब 437 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शिकायत में कहा गया है कि कई लोगों ने आईफोन की चोरी भी की है और सबसे ज्यादा नुकसान आईफोन की चोरी से ही हुआ है। अन्य नुकसान फैक्ट्री की असेंबली लाइन में सामान की बर्बादी से हुआ है।
जांच में तेजी लाने का निर्देश
कर्नाटक की उद्योग अनुकूल छवि पर इस घटना को धब्बा करार देते हुए केंद्र ने राज्य सरकार को जांच में तेजी लाने को कहा है। साथ कहा कि राज्य सरकार सुनिश्चित करे कि इस तरह की घटनाओं से निवेश प्रभावित नहीं होना चाहिए।