गोवा: भाजपा नेता ने सीएए का विरोध करने वालों को बताया अर्बन नक्सली, कांग्रेस को लगा झटका
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गोवा भाजपा प्रमुख विनय तेंदुलकर ने गुरुवार को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) का विरोध कर रहीं पार्टियों की तुलना ‘अर्बन नक्सलियों’ से की। कांग्रेस और विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा इस नए कानून का विरोध किए जाने की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध कर रहे हैं।
अर्बन नक्सल ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल माओवादी संगठनों के शहरों में कथित समर्थकों के लिए किया जाता है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों के लोग इसके समर्थन में आए हैं।
उन्होंने कहा, ‘लेकिन भारत में अर्बन नक्सल जैसी कुछ राजनीतिक पार्टियां कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बीएसपी सिर्फ विरोध करने के लिए विरोध कर रही हैं। वे बिना समझे बस विरोध करना चाहती हैं।’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा लोगों में ‘भ्रम’ फैलाने के बाद भी गोवा में अब तक इसे लेकर खास विरोध नहीं हुआ है।
सीएए के समर्थन में कांग्रेस के चार नेताओं ने दिया इस्तीफा
गोवा कांग्रेस के चार नेताओं ने सीएए और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) पर पार्टी के रुख के विरोध में गुरुवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। पणजी कांग्रेस ब्लॉक समिति के अध्यक्ष प्रसाद अमोनकर, उत्तर गोवा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रमुख जावेद शेख, ब्लॉक समिति सचिव दिनेश कुबल और नेता शिवराज तारकर ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कहा कि वे सीएए का समर्थन करते हैं।
अमोनकर ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर सीएए को लेकर ‘लोगों, विशेषकर अल्पसंख्यकों को गुमराह’ करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘हम सीएए और एनआरसी पर कांग्रेस के गलत रुख का विरोध करते हैं। विपक्ष के रूप में हमें केवल विरोध के लिए विरोध करने की नहीं, बल्कि समालोचना करने की आवश्कता है। नागरिकता संशोधन विधेयक का स्वागत किया जाना चाहिए।’
अमोनकर ने कहा कि कांग्रेस को लोगों को ‘राजनीतिक लाभ के लिए गुमराह करना और अल्पसंख्यकों के मन में भय पैदा करना’ बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हम सीएए एवं एनआरसी के खिलाफ पिछले सप्ताह हुए कांग्रेस के विरोध का हिस्सा थे, लेकिन हमें एहसास हुआ कि नेता अपने भाषणों से अल्पसंख्यकों के मन में भय पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।’