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Hindi News ›   India News ›   Vinay Mohan Kwatra will take charge as US Ambassador in challenging times

MEA: चुनौतीपूर्ण समय में अमेरिकी राजदूत के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगे क्वात्रा, इन बाधाओं से पार पाना होगा

Fri, 19 Jul 2024 06:49 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Fri, 19 Jul 2024 06:49 PM IST
सार

विनय मोहन क्वात्रा को केंद्र सरकार ने अमेरिका में भारत का राजदूत नियुक्त किया है। उनके आगे भारत-अमेरिका के मधुर संबंधों को साधने की चुनौती रहेगी। क्वात्रा को कूटनीति का प्रबुद्ध जानकार माना जाता है।  

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Vinay Mohan Kwatra will take charge as US Ambassador in challenging times
विनय मोहन क्वात्रा (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारत और अमेरिका के रिश्ते में थोड़ा खट्टा-मीठा दौर चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौर में भारत ने दुनिया के साथ संतुलन बनाया है। ऐसे दौर में भारत ने अपने पूर्व विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा को वॉशिंगटन में भारत का राजदूत बनाकर भेजा है। क्वात्रा कूटनीति के मास्टर हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में वह अमेरिका के साथ रिश्तों को संजीदा बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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विनय मोहन क्वात्रा विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी तरनजीत संधू का स्थान लेंगे। तरनजीत संधू फरवरी 2020 में अमेरिका में राजदूत बनाकर भेजे गए थे। इस साल जनवरी में उनका कार्यकाल खत्म हो गया था। अमेरिका में राष्ट्रपति पद का चुनाव होना है। वहां सत्ता परिवर्तन के आसार नजर आ रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल में भारत और अमेरिका के बीच अच्छी केमिस्ट्री बनी थी। इस तरह से विनय मोहन क्वात्रा की कई मायनों में चुनौती काफी बढ़ने वाली है।
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बड़े मुश्किल दौर में बने थे भारत के विदेश सचिव
1 मई 2022 को विदेश सचिव बने विनय मोहन क्वात्रा इस पद से 14 जुलाई 2024 को कार्यमुक्त हुए थे। क्वात्रा को यह जिम्मेदारी हर्षवर्धन श्रृंगला के उत्तराधिकारी के रूप में मिली थी। 1988 बैच के विदेश सेवा के अधिकारी ने विदेश सचिव का कार्यभार ऐसे समय में संभाला, जब दुनिया युद्ध में उलझी हुई है। रूस की सेनाएं यूक्रेन की सीमा में घुसी और हमास के साथ इस्राइल की जंग जारी है। ईरान, इस्राइल के संबंध बुरे दौर से गुजर रहे हैं और हूती विद्रोहियों ने लाल सागर को अपने आतंक से बाधित कर रखा है। वैसे भी क्वात्रा की पहचान चीन, अमेरिका और यूरोप के साथ काम करने में निपुण के रूप में है। वह विदेश सचिव बनने के पहले नेपाल में भारत के राजदूत थे। नेपाल का राजदूत रहते हुए उन्होंने उल्लेखनीय प्रयास किया। वह फ्रांस में भी भारत का राजदूत रह चुके हैं। इससे पहले उन्हें वाशिंगटन(अमेरिका) स्थित वाणिज्य दूतावास में काम करने का अनुभव रहा है। चीन में वह दो बार रह चुके हैं। एक मिशन के डिप्टी के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है।
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प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री का विश्वास जीतने में सफल रहे क्वात्रा
विदेश मंत्री एस जयशंकर भारत के राजनयिक, विदेश सचिव रहे हैं। विदेश नीति पर अच्छी पकड़ रखने वाले विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी एस जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मोर्चे पर भारत के हित को साधा है। विदेश सचिव क्वात्रा भी उनकी टीम में गिने जाते हैं। क्वात्रा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विश्वास हासिल है। क्वात्रा 30 अप्रैल 2024 को ही सेवानिवृत्त हो रहे थे, लेकिन उस समय देश में चुनाव चल रहा था। लिहाजा प्रधानमंत्री ने उन्हें छह महीने (31 अक्तूबर 2024) का सेवा विस्तार देने की अनुशंसा की। चुनाव बाद क्वात्रा का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही उन्हें अमेरिका का राजदूत नियुक्त किया गया है। समझा जा रहा है कि वह अमेरिका में बनने वाली नई सरकार के साथ कामकाज का अनुकूल वातावरण तैयार करेंगे।

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