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कांग्रेस सरकार आई तो हथकड़ी लगाकर देश में लाएंगे माल्या को: सुरजेवाला

Sat, 15 Sep 2018 03:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Sat, 15 Sep 2018 03:08 AM IST
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Vijay Mallya will bring the country in handcuffs when the Congress government comes 
शराब कारोबारी विजय माल्या - फोटो : getty images
भगौड़े कारोबारी विजय माल्या को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस का कहना है कि उनकी सरकार बनी तो माल्या को हथकड़ी लगाकर देश लेकर लाएंगे। कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के आरोपों कि यूपीए सरकार में माल्या को लोन दिया गया पर कहा कि गोयल जिस दौरान एसबीआई से लोन दने की बात कह रहे हैं। वे खुद 2005-2008 तक एसबीआई में निदेशक थे। पार्टी ने सीबीआई की बदली भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर किस व्यक्ति के कहने पर गिरफ्तारी नोटिस को सूचना नोटिस में बदला गया।  
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प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और जयवीर शेरगिल ने संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा है कि एक सांसद और पूर्व मुख्य सचिव रहे पीएल.पुनिया की चुनौती के बाद पीएम मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रहस्यमयी चुप्पी उन्हें दोषी बता रही है। लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय के पास सीसीटीवी फुटेज है तो उन्हें गलत साबित करें। सरकार वित्त मंत्री को हटाने या इस्तीफा लेने में घबरा क्यों रही है। 
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सुरजेवाला का कहना है कि सिर्फ कांग्रेस ने एसबीआई के वकील दुष्यंत दवे और अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी के बयानों से स्पष्ट है कि आखिर कौन व्यक्ति हैं जिसने माल्या को नहीं रोका और पासपोर्ट जब्त नहीं होने दिया। कांग्रेस ने सीबीआई की भूमिका को संदेह के घेरे में और सीधे तौर पर प्रधानमंत्री की भूमिका पर सवाल है। देश जानना चाहता है जिनके ऊपर शक की सुई है वे चुप क्यों हैं।  
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कांग्रेस का कहना है की सीबीआई की इतनी बड़ी बेइमानी नहीं हो सकती है। उसे बताना चाहिए किसके कहने पर माल्या के खिलाफ गिरफ्तारी के नोटिस को सिर्फ जानकारी देने वाले नोटिस में बदल दिया। जबकि एसबीआई ने 19 अगस्त 2014 को यूनाइटेड बैंक ने माल्या को विलफुल डिफाल्टर घोषित कर दिया था। 10 अक्तूबर 2014 को सीबीआई ने किंग फिशर और माल्या के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर छापेमारी की। 


तब सीबीआई ने बताया था कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेज लैपटॉप जब्त किए हैं। छह दिन बाद माल्या के खिलाफ सीबीआई ने लुक ऑउट नोटिस टू डिटेन जारी किया। बाजवूद इतने गंभीर आर्थिक अपराध के बाद किस दबाव में 23 नवंबर 2015 को इसे बदलकर इनफार्म नोटिस किया गया। जब दो बैंक उसे विलफुल डिफाल्टर घोषित कर चुके थे और खुद की कार्रवाई में दस्तावेज बरामद होने के बाद क्यों मुकर रही है।  
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