विजय माल्या केस: राहुल ने मांगा जेटली का इस्तीफा, पीएम मोदी से की स्वतंत्र जांच की मांग
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विजय माल्या केस में केंद्र सरकार लगातार घिरती जा रही है। विजय माल्या ने लंदन में आज (बुधवार) वित्त मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को तत्काल इस मामले की स्वतंत्र जांच के आदेश देने चाहिए। साथ ही राहुल ने अरूण जेटली के इस्तीफे की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि अरुण जेटली को जांच पूरी होने तक वित्त मंत्री पद छोड़ देना चाहिए।
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, मूल सवाल ये है कि लुकआउट नोटिस के बावजूद माल्या विदेश कैसे गया? सरकार ने बड़े कर्ज बकाएदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जबकि पूर्व रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने इस बारे में सूचित कर दिया था।
पूर्व आरबीआई गवर्नर का कहना है कि उन्होंने पीएमओ को फ्रॉड के मामलों की सूची दी थी। इससे स्पष्ट है कि पूर्व गवर्नर की विदाई के अतिरिक्त कुछ भी क्यों नहीं हुआ। राफेल और चौकसी घोटाले के साथ माल्या का ताजा रहस्योद्घाटन मोदी सरकार को रसातल में भेज देगा।
Given Vijay Mallya’s extremely serious allegations in London today, the PM should immediately order an independent probe into the matter. Arun Jaitley should step down as Finance Minister while this probe is underway, tweets Rahul Gandhi (File pic) pic.twitter.com/s2jnkoAjZT
— ANI (@ANI) September 12, 2018
बता दें कि भगोड़ा घोषित किए जा चुके शराब कारोबारी विजय माल्या ने बुधवार को अपने मामले को अलग ही मोड़ देने का प्रयास किया। उन्होंने बिना बताए देश से भाग आने की बात को गलत ठहराते हुए कहा कि वे आने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री से मिलकर आए थे। माल्या की देश से फरारी के समय वर्ष 2016 में अरुण जेटली ही वित्त मंत्री के पद पर थे।
परेशान चल रहे किंगफिशर एयरलाइंस के 62 वर्षीय बॉस रहे विजय माल्या ने ये बात मीडिया से तब कही, जब वे बुधवार को यहां अपने प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई के लिए वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से माल्या ने कहा, मैंने जिनेवा में पहले से तय बैठक के लिए देश छोड़ा था। मैं देश छोड़ने से पहले वित्त मंत्री से मिला था और बैंकों के साथ समझौते का अपना ऑफर दोहराया था।
यही सच है। मैं पहले भी कह चुका हूं कि मैं राजनीतिक फुटबॉल बन गया हूं। इसमें मैं कुछ नहीं कर सकता। मैंने करीब 15 हजार करोड़ की कीमत वाली संपत्ति कर्नाटक हाईकोर्ट के सामने पेश की थी। उन्होंने आगे कहा, मीडिया को बैंकों से सवाल करना चाहिए कि वे मेरे पैसा वापसी के प्रयासों का समर्थन क्यों नहीं कर रहे।