पीएम मोदी ने वॉर मेमोरियल पर जलाई 'स्वर्णिम विजय मशाल', सेना ने कहा-गलवां में झड़प के बाद नहीं हुई पूर्वी कमान से कोई घुसपैठ
भारत-पाकिस्तान के बीच साल 1971 में हुए युद्ध को 50 साल पूरे हो गए हैं। इस दिन को 'विजय दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर दिल्ली स्थित वॉर मेमोरियल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'स्वर्णिम विजय मशाल' प्रज्जवलित की और जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं कोलकाता स्थित सेना के कमान मुख्यालय फोर्ट विलियम में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर पूर्वी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने कहा कि लद्दाख में चीन के साथ हुई झड़प के बाद कमान क्षेत्र में कोई बड़ी घुसपैठ नहीं हुई है।
'विजय दिवस' कार्यक्रम में बोलते हुए लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने कहा, 'मैं कहना चाहता हूं कि लद्दाख में चीन के साथ हुई झड़प के बाद से पूर्वी कमान क्षेत्र में कोई बड़ी घुसपैठ या सामना नहीं हुआ है। गलवां घाटी में हुई घटना के बाद हमारे और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के बीच एलएसी पर पारस्परिक विश्वास कम हुआ है और इसे फिर से स्थापित होने में समय लगेगा।'
I'd like to say there've been no major intrusions or face-offs in Eastern Command area since friction in Ladakh. Post-Galwan incident, mutual trust on LAC between us & Chinese PLA evaporated & will take time to stabilise: GoC Eastern Command Lt Gen Anil Chauhan on #VijayDiwas2020 pic.twitter.com/exou335OY6
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 16, 2020
गौरतलब है कि गलवां घाटी में हुई घटना के बाद से एशिया के दो सबसे बड़े देशों के बीच सीमा पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। गलवां घाटी में हुई घटना में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। हालांकि, इस घटना को लेकर चीन ने अपने हताहत सैनिकों की संख्या नहीं बताई थी, लेकिन एक खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि चीन के 40 से अधिक सैनिक हताहत हुए थे।
पाकिस्तान घाटी के युवाओं को गुमराह कर रहा
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में चिनार कॉर्प्स के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने इस मौके पर कहा, 'पाकिस्तान घाटी के युवाओं को गुमराह करने के प्रयास कर रहा है। यहां की अधिकांश आबादी भारत पर विश्वास करती है। बड़ी संख्या में गुमराह युवा वापस मुख्यधारा में आ गए हैं और इससे मुझे बहुत उम्मीद है।'
Pak has been making efforts to misguide the youth of the Valley. The majority of the population here believes in India. A large number of misguided youth have come back to the mainstream and that gives me a lot of hope: Lt. Gen BS Raju, GOC Chinar Corps, in J&K's Srinagar https://t.co/mPJ2m94NYO pic.twitter.com/DIUSz2XMGb
— ANI (@ANI) December 16, 2020
वॉर मेमोरियल पर पीएम के साथ रक्षा मंत्री व तीनों सेना प्रमुख मौजूद रहे
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के 50 साल पूरा होने के अवसर पर राजधानी दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल की अमर ज्योति से ‘स्वर्णिम विजय मशाल’ को प्रज्ज्वलित किया। पीएम मोदी के अलावा यहां पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत, और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद रहे।
On Vijay Diwas we recall the unwavering courage of our armed forces that resulted in a decisive victory for our nation in the 1971 war. On this special Vijay Diwas, had the honour of lighting the ‘Swarnim Vijay Mashaal’ at the National War Memorial. pic.twitter.com/ERHoWF6GxF
— Narendra Modi (@narendramodi) December 16, 2020
साथ ही पीएम मोदी ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की 50वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके साथ थलसेना प्रमुख एमएम नरवणे, वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने भी जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।