फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   video of mice on the prasad packets of Siddhivinayak Temple probe launched

Siddhivinayak Temple: सिद्धिविनायक मंदिर के प्रसाद में चूहे मिलने का दावा, वीडियो वायरल होने के बाद मचा बवाल

Tue, 24 Sep 2024 03:32 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 24 Sep 2024 03:32 PM IST
सार

Siddhivinayak Temple: सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट (एसएसजीटी) ने इन आरोपों का खंडन किया है। मंदिर प्रशासन ने कहा है कि उसने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसएसजीटी के अध्यक्ष सदा सर्वणकर ने कहा, रोजाना लाखों लड्डू बांटे जाते हैं और उन्हें तैयार करने की जगह साफ-सुथरी होती है।

विज्ञापन
video of mice on the prasad packets of Siddhivinayak Temple probe launched
सिद्धिविनायक मंदिर - फोटो : ANI

विस्तार

मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर के प्रसाद की एक चौंकाने वाली वीडियो क्लिप सामने आई है। वायरल हो रही क्लिप में मंदिर के प्रसाद में चूहे के कई बच्चे नजर आ रहे हैं। इस मामले पर अब सिद्धिविनायक मंदिर प्रशासन की ओर से सफाई आई है। उनका कहना है कि, ये वीडियो उनके मंदिर की नहीं है। यह किसी दूसरे स्थान का वीडियो प्रतीत होता है। हाल ही में तिरुपति मंदिर के प्रसादम में कथित तौर पर चर्बी की मिलावट पाए जाने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। 
विज्ञापन


ट्रस्ट में वीडियो का किया खंडन
श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट (एसएसजीटी) ने इन आरोपों का खंडन किया है। मंदिर प्रशासन ने कहा है कि उसने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिवसेना नेता और एसएसजीटी के अध्यक्ष सदा सर्वणकर ने कहा, रोजाना लाखों लड्डू बांटे जाते हैं और उन्हें तैयार करने की जगह साफ-सुथरी होती है। वीडियो में एक गंदी जगह दिखाई दे रही है। मैं देख सकता हूं कि यह मंदिर का नहीं है।  इसे कहीं बाहर शूट किया गया है। 
विज्ञापन


वायरल हो रहे वीडियो में नीले रंग की खुले बक्से में रखे लड्डू के पैकेटों पर चूहे दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, हम सीसीटीवी की जांच करेंगे और जांच के लिए डीसीपी रैंक के एक अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सर्वणकर ने कहा कि मंदिर यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास करता है कि प्रसाद साफ-सुथरी जगह पर तैयार किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


शुरू की गई जांच
उन्होंने यह भी कहा कि संभवतः किसी ने प्लास्टिक थैले में चूहों को रखा होगा। ट्रस्ट ने घोषणा की है कि इस मामले की जांच डीसीपी स्तर के पुलिस अधिकारी द्वारा की जाएगी। जांच से यह स्पष्ट होगा कि यह क्लिप कब की है, कहां की है, थैली कहां से आई और इसे किसने रखा।


टेस्टिंग के बाद होता है प्रसाद का निर्माण 
उन्होंने कहा कि, घी, काजू और अन्य सामग्री को पहले बृहन्मुंबई नगर निगम की प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जाता है और मंजूरी के बाद इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रयोगशाला में पानी की भी जांच की जाती है। उन्होंने कहा,  इसका मतलब है कि हम इस बात पर पूरा ध्यान देते हैं कि भक्तों को दिया जाने वाला प्रसाद शुद्ध हो। उन्होंने कहा कि,  ट्रस्ट के खिलाफ षड्यंत्र हो सकता है। इसके पहले भी इस तरह का प्रयास हुआ है। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कारवाई की जाएगी। हिंदू धर्म संस्थानों को बदनाम करने की साजिश हो रही है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed