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AI से प्रभावित न होने वाले पेशे की होगी पहचान: गोयल बोले- इन्सानों की कार्यकुशलता बढ़ाएगी एआई, क्या है तैयारी?
सार
सरकार कृत्तिम बुद्धिमत्ता (एआई) से प्रभावित न होने वाले पेशे की पहचान करेगी। मंत्रालय को इसका जिम्मा सौंप दिया गया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयू। गोयल ने कहा है कि ऐसे पेशों में एआई की मदद से इन्सानों की जगह मशीन रखने के बजाय उनकी कार्यकुशलता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
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कृत्रिम मेधा (एआई) नौकरियां छीनेगी या कामकाज बेहतर बनाएगी, इस विषय पर बहस तेज (सांकेतिक)
- फोटो : AI
विस्तार
कृत्रिम मेधा (एआई) नौकरियां छीनेगी या कामकाज बेहतर बनाएगी...इस बहस के बीच सरकार अब उन पेशे की पहचान कराएगी जिन पर इस तकनीक का खतरा नहीं है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय को इसका जिम्मा सौंपा गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में छात्रों से बातचीत में बताया कि उन्होंने अपने मंत्रालय से उन पेशे को चिह्नित करने के लिए कहा है, जिनमें एआई इन्सानों की जगह लेने के बजाय उनकी कार्यकुशलता बढ़ाए। उन्होंने पर्यटन और खेल का उदाहरण दिया।
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गोयल ने कहा कि भारत विदेशी विश्वविद्यालयों को देश में परिसर खोलने के लिए आमंत्रित कर रहा है, ताकि मिलकर नया ज्ञान रचा जाए, सीखा जाए और नए दौर के हिसाब से पाठ्यक्रम दोबारा गढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य का विकास भारत, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों में होगा, इसलिए विकसित देशों के युवाओं को आखिरकार इन्हीं देशों की ओर आना होगा। हालांकि, उन्होंने माना कि असली चुनौती लोगों को भारत वापस लाने की है।
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नए दौर से भारत चिंतित नहीं
गोयल ने कहा कि नए दौर से भारत चिंतित नहीं है। एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और ऐसी तमाम नई तकनीकों को भारत अपनाएगा। उन्होंने बताया कि भारत-जर्मनी स्टार्टअप सेतु पहले से मौजूद है, लेकिन इसे जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र की है।
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निर्माण व मीडिया क्षेत्र भी एजेंडे में....
क्नाउफ समूह के वैश्विक प्रबंध साझेदार मुरात अकयिल्डिज के साथ गोयल ने भारत में कंपनी के बढ़ते विनिर्माण कारोबार, टिकाऊ निर्माण सामग्री और बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग के रास्तों पर बात की। वहीं बर्टेल्समान के कार्यकारी बोर्ड सदस्य और बर्टेल्समान इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्स्टन कोसफेल्ड के साथ भारतीय स्टार्टअप्स के अलावा मीडिया, शिक्षा और तकनीक क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाशी गईं।
स्वास्थ्य क्षेत्र की तीन कंपनियों से निवेश पर विमर्श
जर्मनी दौरे के आखिरी दिन गोयल ने स्वास्थ्य क्षेत्र की तीन बड़ी जर्मन कंपनियों बायर, फ्रेसेनियस और सीमेंस हेल्थिनियर्स के शीर्ष अधिकारियों से भारत में निवेश के अवसरों पर चर्चा की। बायर के दवा प्रभाग के अध्यक्ष स्टीफन ओएलरिच के साथ कंपनी की भारत में विस्तार योजनाओं और ज्यादा निवेश, नवाचार और सहयोग के जरिये देश के मजबूत स्वास्थ्य तंत्र से जुड़ाव गहरा करने पर बात हुई।
फ्रेसेनियस समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइकल सेन से मुलाकात के बाद गोयल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत के तेजी से बढ़ते स्वास्थ्य क्षेत्र, अच्छी गुणवत्ता वाले किफायती इलाज की बढ़ती मांग और देश की मजबूत विनिर्माण क्षमता का लाभ उठाते हुए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों ने इस पर भी विचार किया कि समूह भारत की कुशल प्रतिभा का इस्तेमाल घरेलू और वैश्विक, दोनों बाजारों के लिए कैसे कर सकता है। सीमेंस हेल्थिनियर्स के साथ बातचीत में भारत में कंपनी की मौजूदगी मजबूत करने, चिकित्सा उपकरण तकनीक तथा किफायती स्वास्थ्य सेवा में साझेदारी पर बात हुई।