Vice President Election: 'बिना किसी डर और राजनीतिक दबाव के करें मतदान,अल्वा ने वीडियो के जरिए की अपील
वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार है क्योंकि उसके पास अनुभव है। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर आम सहमति बनाने के लिए खुद को प्रतिबद्ध करेंगी।
विस्तार
छह अगस्त को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा ने एक वीडियो के जरिए गुरुवार को सभी सांसदों से बिना किसी डर या राजनीतिक दबाव के सबसे उपयुक्त उम्मीदवार के लिए मतदान करने की अपील की। इससे पहले उन्होंने सभी सांसदों को पत्र लिखकर समर्थन की मांग की थी। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि वह उपराष्ट्रपति पद के लिए सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार है क्योंकि उसके पास अनुभव है। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर आम सहमति बनाने के लिए खुद को प्रतिबद्ध करेंगी।
वीडियो में की ये अपील
उन्होंने कहा, 'यदि मैं आपके समर्थन से उपराष्ट्रपति चुनी जाती हूं तो मैं राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर आम सहमति बनाने और संसद के गौरव को बहाल करने के लिए आपके साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।' उन्होंने अपने वीडियो संदेश को साझा करते हुए ट्वीट भी किया। इसमें उन्होंने लिखा कि सांसदों से अपेक्षा की जाती है कि वे बिना किसी डर या राजनीतिक दबाव के उस उम्मीदवार के लिए मतदान करें, जिसे वे मानते हैं कि वह इस महत्वपूर्ण कार्यालय के लिए सबसे उपयुक्त है।
My video message, to Members of Parliament, across party lines. The VP election on August 6th is not subject to party whip & is by secret ballot. MPs are expected to vote without fear, or political pressure, for the candidate they believe is best suited for this critical office. pic.twitter.com/swcBmpTsrA
विज्ञापन विज्ञापन— Margaret Alva (@alva_margaret) August 4, 2022
हाल ही में लिखा था सभी सांसदों को पत्र
हाल ही में उन्होंने उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले चुनावों में सभी सांसदों का समर्थन हासिल करने के लिए एक पत्र लिखा था। अल्वा ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्यों को लिखे पत्र में कहा था कि उपराष्ट्रपति के चुनाव को संसद चलाने के तरीके और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर आम सहमति बनाने की मौलिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के टूटने पर एक जनमत संग्रह के रूप में देखा जाना चाहिए।
अगर मैं राष्ट्रपति चुनी जाती हूं तो...
उन्होंने सांसदों से अपनी अपील में कहा, "अगर मैं उपराष्ट्रपति चुनी जाती हूं तो मैं संविधान को बनाए रखने और हमारे संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास करने के लिए खुद को प्रतिबद्ध करती हूं। राज्यसभा अध्यक्ष के रूप में, मैं विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच पुल बनाने, राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर आम सहमति बनाने के लिए काम करूंगी और संसद के गौरव को बहाल करने में मदद करूंगी।"
'सार्वजनिक जीवन में बिताए पचास वर्षों की स्वीकृति है मेरा नामांकन'
अल्वा ने कहा कि उनके नामांकन को बड़ी संख्या राजनीतिक दलों का समर्थन, उनके संसद के दोनों सदनों के सदस्य, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर भारत के प्रतिनिधि के रूप में बिताए सार्वजनिक जीवन के पचास वर्षों की स्वीकृति है।
AIMIM करेगी अल्वा का समर्थन
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा का समर्थन करेगी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के शरद पवार के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक के तुरंत बाद यह घोषणा की गई। पार्टी सांसद इम्तियाज जलील ने गुरुवार को कहा कि हमने मार्गरेट अल्वा के नाम पर चर्चा की और फैसला किया कि पूरी एआईएमआईएम पार्टी उनका समर्थन करेगी, उनकी मदद करेगी और उनके साथ खड़ी होगी। वह एक महिला हैं और अल्पसंख्यक पृष्ठभूमि से आती हैं। उन्हें देखकर देश खुश होगा, हम उनकी सफलता की कामना करते हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव में जगदीप धनखड़ सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन ने पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ को मैदान में उतारा है। सांसदों से अपनी अपील में अल्वा ने लिखा, "आज, संसद लगभग ठप है, सदस्यों के बीच संचार (कम्युनिकेशन) टूट गया है। अविश्वास, गुस्सा और व्यक्तिगत हमलों और दुर्व्यवहार के बिना महत्वपूर्ण राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर बहस करने में असमर्थ है।"