Puducherry: पुडुचेरी विश्वविद्यालय के VC ने उपराष्ट्रपति से की मुलाकात, शैक्षणिक उपलब्धियों और नवाचार पर चर्चा
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पुडुचेरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पी. प्रकाश बाबू ने गुरुवार को संसद भवन में भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन से सौजन्य मुलाकात की। राधाकृष्णन विश्वविद्यालय के पदेन कुलाधिपति भी हैं। बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक पाठ्यक्रमों, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की गतिविधियों, छात्र कल्याण योजनाओं, पूर्व छात्र नेटवर्क, कैंपस प्लेसमेंट और सौर ऊर्जा उत्पादन जैसी पहलों पर प्रस्तुति दी गई। इस दौरान छात्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उपराष्ट्रपति ने उद्योग की मांगों को ध्यान में रखते हुए उभरती तकनीकों पर उन्नत कोर्स शुरू किए जाएं। इसके साथ ही कैंपस में स्वच्छ भारत अभियान को प्रोत्साहित करते हुए स्वच्छता बनाए रखने, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों को समय पर भरने, स्थानीय समुदायों को उचित प्रतिनिधित्व देने और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने छात्रों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाए और छात्रों के लिए नियमित रूप से काउंसलिंग व प्रेरक सत्र आयोजित किए जाएं, ताकि वे सकारात्मक और जिम्मेदार जीवन की दिशा में आगे बढ़ सकें।
उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को समग्र छात्र विकास पर ध्यान देना चाहिए, संबद्ध कॉलेजों की गतिविधियों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए और ऐसे शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देना चाहिए जो समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालें। पांडिचेरी विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1985 में संसद के एक अधिनियम के तहत की गई थी। यह केंद्रीय विश्वविद्यालय पुडुचेरी के कालापेट में स्थित है और उच्च शिक्षा व अनुसंधान का प्रमुख केंद्र है। विश्वविद्यालय में वर्तमान में 100 से अधिक स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रम संचालित हैं, जिनमें 10,000 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं।