VHP: विहिप बोली- यदि खाने में हलाल-हराम का ध्यान, तो बेचते समय क्यों नहीं, सबके लिए एक समान कानून की मांग
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक के संपन्न होने के बाद रविवार को मीडिया को संबोधित करते हुए आलोक कुमार ने कहा कि कई स्थानों पर मुसलमान दुकानदार हिंदू देवी-देवताओं के नाम और चित्र लगाकर व्यापार करते हैं।
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विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि यदि मुसलमान अपना खाना खाते हुए हराम और हलाल का ध्यान रखते हैं, तो उन्हें कोई सामान बेचते समय भी दूसरों के धर्म और उसकी पवित्रता का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2006 से ही इस बारे में नियम स्पष्ट हैं कि सभी दुकानदारों को अपनी दुकानों के सामने अपना नाम और लाइसेंस नंबर सहित अनेक जानकारी देनी पड़ती है। ऐसे में अब नाम लिखने के विषय पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। आलोक कुमार ने कहा कि एक ही देश में दो अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग कानून नहीं हो सकते। विहिप की यह अपील ऐसे समय में आई है, जब दुकानदारों के द्वारा अपनी दुकानों के सामने नाम लिखना अनिवार्य करने के यूपी-उत्तराखंड सरकारों के आदेश पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा रखी है।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक के संपन्न होने के बाद रविवार को मीडिया को संबोधित करते हुए आलोक कुमार ने कहा कि कई स्थानों पर मुसलमान दुकानदार हिंदू देवी-देवताओं के नाम और चित्र लगाकर व्यापार करते हैं। उन्होंने कहा कि यह धर्म के नाम पर धोखा है। इससे हिंदू श्रद्धालु भ्रमित होता है, इसलिए हर दुकानदार के लिए अपना नाम लिखना अनिवार्य होना चाहिए और इसमें किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए।
रद्द होगा आदेश
विहिप अध्यक्ष ने कहा कि यूपी-उत्तराखंड की सरकारों के आदेशों पर सर्वोच्च न्यायालय ने इस समय रोक लगा रखी है। उन्हें इस बात का ज्ञान है, लेकिन उनकी उम्मीद है कि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस रोक को हटा लेगा। उन्होंने कहा कि एक ही देश में दो अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग कानून नहीं हो सकते।
व्यापक जन-जागरण कार्यक्रम
विहिप अध्यक्ष ने कहा कि इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को विहिप के 60 वर्ष पूर्ण होंगे। इस अवसर पर देशभर में हजारों स्थानों पर व्यापक जन जागरण कार्यक्रम होंगे। 24 अगस्त से एक सितंबर के बीच आयोजित होने वाले इन स्थापना दिवस महोत्सव कार्यक्रमों के अन्तर्गत विहिप की 60 वर्षो की उपलब्धियां, वर्तमान में राष्ट्र, धर्म और हिंदू समाज के समक्ष चुनौतियां तथा उनके निराकरण के संबंध में चर्चाएं, संगोष्ठियां व सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।