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मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा भावे का निधन, आम नागरिकों के अधिकारों के लिए किया संघर्ष
Sat, 03 Oct 2020 02:02 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 03 Oct 2020 02:02 PM IST
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Pushpa Bhave
- फोटो : For Reference Only
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मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा भावे का लंबी बीमारी के बाद मुंबई में निधन हो गया। वह 81 वर्ष की थीं।
उनके नजदीकी सूत्रों ने शनिवार को बताया कि भावे का शुक्रवार रात निधन हो गया।
सूत्रों ने बताया कि भावे के परिवार में उनके पति आनंद भावे हैं।
पत्रकार एवं कार्यकर्ता जतिन देसाई ने भावे को बहुआयामी शख्सियत बताया।
उन्होंने कहा कि भावे एक शिक्षाविद एवं बुद्धिजीवी थीं, जिन्होंने आम नागरिकों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
भावे ने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन और गोवा मुक्ति आंदोलन में हिस्सा लिया था।
उन्होंने आपातकाल के दौरान भूमिगत राजनीतिक कार्यकर्ता मृणाल गोरे को आश्रय के लिए अपने घर की पेशकश की थी।
भावे ने 1990 के दशक में दादर निवासी रमेश किनी की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत के बाद बिल्डरों एवं नेताओं के बीच साठगांठ के खिलाफ आवाज उठाई थी और जांच की मांग की थी।
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उनके नजदीकी सूत्रों ने शनिवार को बताया कि भावे का शुक्रवार रात निधन हो गया।
सूत्रों ने बताया कि भावे के परिवार में उनके पति आनंद भावे हैं।
पत्रकार एवं कार्यकर्ता जतिन देसाई ने भावे को बहुआयामी शख्सियत बताया।
उन्होंने कहा कि भावे एक शिक्षाविद एवं बुद्धिजीवी थीं, जिन्होंने आम नागरिकों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
भावे ने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन और गोवा मुक्ति आंदोलन में हिस्सा लिया था।
उन्होंने आपातकाल के दौरान भूमिगत राजनीतिक कार्यकर्ता मृणाल गोरे को आश्रय के लिए अपने घर की पेशकश की थी।
भावे ने 1990 के दशक में दादर निवासी रमेश किनी की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत के बाद बिल्डरों एवं नेताओं के बीच साठगांठ के खिलाफ आवाज उठाई थी और जांच की मांग की थी।