फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Verdict Against Akbar Owaisi Hate Speech Today In Hindi

भड़काऊ भाषण मामला: अकबरुद्दीन ओवैसी को बड़ी राहत, हैदराबाद की स्पेशल कोर्ट ने किया बरी

Wed, 13 Apr 2022 02:54 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 13 Apr 2022 02:54 PM IST
सार

भड़काऊ भाषण मामले में हैदराबाद स्पेशल कोर्ट ने असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ओवैसी को मामले में बरी कर दिया है।

विज्ञापन
Verdict Against Akbar Owaisi Hate Speech Today In Hindi
अकबरुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

विस्तार

भड़काऊ भाषण मामले में हैदराबाद स्पेशल् कोर्ट ने असदुद्दीन ओवैसी के भाई व एआईएमआईएम विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ओवैसी को मामले में बरी कर दिया है। विशेष अदालत ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई की थी। इसके बाद फैसला 13 अप्रैल तक के लिए टाल दिया था। 

विज्ञापन


एमपी-एमएलए के लिए विशेष सत्र न्यायालय ने इस मामले में बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलें पूरी हो जाने के बाद 12 अप्रैल को फैसला सुनाने की बात कही थी, लेकिन न्यायालय ने फैसला बुधवार तक के लिए टाल दिया। 
विज्ञापन


तेलंगाना विधानसभा में एआईएमआईएम के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी दिसंबर 2012 में निजामाबाद और निर्मल में दिए गए अपने भड़काऊ भाषण के मामले में मंगलवार को कोर्ट के सामने सामने पेश हुए थे। एक समुदाय के खिलाफ सार्वजनिक सभा में भड़काऊ और घृणास्पद बयान देने को लेकर उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत हेट स्पीच का मामला दर्ज किया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ आठ दिसंबर 2012 में निजामाबाद जिले और 22 दिसंबर 2012 में निर्मल शहर में 'हेट स्पीच' के कई मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी। निर्मल में ओवैसी ने कथित भड़काऊ भाषण दिया था जिसमें उन्होंने सड़कों से 15 मिनट के लिए पुलिस को हटाने की बात की थी। आरोप था कि ओवैसी इस दौरान सांप्रदायिक संघर्ष की बात कर रहे थे। इसी मामले में जनवरी 2013 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। 


इसके बाद अपराध जांच विभाग(सीआईडी) ने 2016 में निजामाबाद वाले मामले में जांच करके चार्जशीट दाखिल की थी। वहीं, इसी साल निर्मल मामले में जिले की पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। निजामाबाद मामले में 41 गवाह जबकि निर्मल के हेट स्पीच मामले में कुल 33 गवाह पेश किए गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed