सरकार का नोटबंदी का निर्णय वापस लेने का कोई इरादा नहींः वैंकेया नायडू
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नोटबंदी पर देशव्यापी हो हल्ले और राजनीतिक दलों द्वारा हो रही आलोचनाओं के बीच केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि इस कदम से पीछे हटने की उसकी कोई मंशा नहीं है। केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने साफ कहा है कि सरकार किसी भी हाल में अपने कदम से पीछे हटने नहीं जा रही है।
सोमवार को एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में शिरकत करते हुए नायडू ने कहा कि नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा हुआ सभी पैसा अपने आप वैध नहीं माना जाएगा सरकार इस पर कड़ी निगरानी रख रही है। 30 दिसंबर की समय सीमा के बाद जमा की गई सभी रकम की समीक्षा की जाएगी इसके बाद ही लोगों को पैसा निकालने की छूट दी जाएगी।
नायडू उस सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें आरोप लगाया गया था कि बाजार में जारी नकदी का 85 फीसदी यानि कुल 14 लाख करोड़ अभी बैंकों में जमा हो चुका है लेकिन अभी तक उस कालेधन का पता नहीं लग सका है जिसका सरकार दावा कर रही थी। नायडू ने कहा कि हमें किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले 30 दिसंबर तक का इंतजार करना चाहिए। तय सीमा पूरी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर लोगों के सामने आ सकेगी।
नोटबंदी से बैंकों की ब्याज दरें भी कम होंगी
नायडू ने कैशलेश इकॉनोमी और डिजिटल पेमेंट की भी तरफदारी की। कहा- डिजिटाइजेशन से नोटबंदी की समस्या जल्द दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा नोटबंदी के फैसले पर इतनी जल्दी निर्णय पर पहुंचना इसके साथ अन्याय होगा, हमें परिणामों के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि नोटबंदी से न केवल भ्रष्टाचार को कम करेगा बल्कि देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में भी मदद करेगा। वहीं बैंकों में जब खूब पैसा होगा तो ब्याज दरें अगले कुछ महीनों में निश्चित रूप से नीचे आएंगी जिसका फायदा सीधे सीधे आम आदमी को मिलेगा।
वहीं बैकों और एटीएम में कैश की कमी पर उन्होंने कहा कि 50 दिन बाद निश्चित रूप से हालातों में सुधार आएगा।