वेंकैया नायडू ने अखिलेश से पूछा सवाल, यूपी अब भी बीमारू राज्य क्यों?
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सपा-बसपा को मुद्दों पर चुनावी जंग की चुनौती पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि अखिलेश और मायावती बताएं कि यूपी अब भी बीमारू राज्य क्यों है। अमर उजाला से बातचीत में नायडू ने कहा कि बीमारू राज्य की श्रेणी में यूपी के साथ बिहार, मध्य प्रदेश और उड़ीसा की गिनती होती थी।
विकास के मायने में बिहार इस श्रेणी से बाहर निकलने वाला है। तो राजस्थान और मध्यप्रदेश बिमारू की श्रेणी से मुक्त हो गए हैं। मगर यूपी अब भी बिमारू बना हुआ है। उन्होंने कहा कि बीते 14 वर्षों से सूबे में बसपा और सपा की सरकारें रही हैं।
इसलिए राज्य को बिमारू बनाए रखने के लिए इन्हें जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और निवेश के मामलों में यूपी कहा ठहरता है इसके बारे में प्रदेश के मुख्यमंत्री को चर्चा करनी चाहिए।
मैने 12 पत्र अखिलेश सरकार को लिखे
अखिलेश के कुशासन की कलई खोलते हुए नायडू ने कहा कि पीएम आवास योजना (शहरी)के आपसी समझौते (एमओयू) के बाबत मैं और मेरे सचिव ने 12 पत्र प्रदेश सरकार को लिखे। मगर राज्य सरकार की ओर से कोई भी जवाब नहीं मिला। तब हमने कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए जनता को बताया कि आवास के लिए सरकार 1 लाख, 1.30 लाख और 2 लाख रूपए की सब्सिडी देगी।
तब जाकर यूपी के 10 लाख लोगों ने आवेदन दिया। जनता का आवेदन सामने आने के बाद प्रदेश सरकार की निंद खुली उसने केंद्र के पास 20 हजार मकानों का प्रस्ताव भेजा । जबकि सूबे में हुए सर्वे बताते हैं कि प्रदेश में 30 लाख लोगों को इस श्रेणी में सहयोग की जरूरत है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार उन्होंने बनारस समेत यूपी के तमाम शहरों में जाकर मुख्यमंत्री से खुला सहयोग मांगा मगर उन्हें इस मामले में जवाब नहीं मिला। कांग्रेस के साथ सपा के गठबंधन को अपवित्र और अनैतिक करार देते हुए नायडू ने कहा कि एमएलसी चुनाव के नतीजे सामने हैं। भाजपा यूपी के सभी इलाकों में नंबर वन है। कांग्रेस का गठबंधन सपा के लिए बोझ साबित होगा। तो बसपा भी ढे़र रहेगी।