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तमिलनाडु: पूर्व मंत्री वेलुमणि मामले में मद्रास हाईकोर्ट की दो टूक, 'दिन को रात' बताया तो मंजूर नहीं
Mon, 21 Jun 2021 09:52 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 21 Jun 2021 09:52 PM IST
सार
अन्नाद्रमुक की पूर्ववर्ती सरकार के मंत्री वेलुमणि को क्लीन चिट देने का मामला मद्रास हाईकोर्ट पहुंच गया है। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यदि भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय की रिपोर्ट में व्यापक चूक मिली तो उसे मंजूर नहीं करेंगे।
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madras high court
- फोटो : PTI
विस्तार
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री एस पी वेलुमणि मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार में स्थानीय प्रशासन मंत्री रहे एस पी वेलुमणि को क्लीन चिट देने संबंधी निगरानी एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) की रिपोर्ट में व्यापक गलतियां पाई गईं, तो अदालत उसे स्वीकार नहीं करेगी।
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हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की प्रथम पीठ ने कहा कि अगर ऐसे कठोर आरोप हैं, जो कार्रवाई करने की मांग करते हैं, तब अदालत हस्तक्षेप करेगी और अगर इसमें केवल छोटी-मोटी बातें हैं तो अदालत उस पर गौर नहीं करेगी।
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पीठ ने कहा कि आमतौर पर अगर सरकार ने स्वीकार कर लिया है, तो अदालत हस्तक्षेप नहीं करेगी, लेकिन अगर दिन को रात बताया जा रहा है (डीवीएसी के द्वारा), तो अदालत उसकी रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करेगी।
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अदालत ने यह टिप्पणी गैर सरकारी संगठन अराप्पोर इयक्कम की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुई की। आज हुई सुनवाई में वेलुमणि की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत में कहा कि एक बार राज्य सरकार ने डीवीएसी की रिपोर्ट स्वीकार कर ली फिर निर्णय के लिए कुछ नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।
इस पर पीठ ने कहा, 'सरकार (पूर्ववर्ती) ने रिपोर्ट स्वीकार की है। अगर दिन को रात बताया गया है तो अदालत इसे स्वीकार नहीं करेगी।' गौरतलब है कि याचिका में चेन्नई और कोयंबटूर निगमों को ठेके पर काम देते वक्त करोड़ों रुपए की अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। पीठ ने मामले की सुनवाई को चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया।