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सतीशन की कांथापुरम पर पोस्ट फेसबुक से गायब: इंस्टाग्राम पर मौजूद; सीएमओ बोले-तकनीकी गड़बड़ी; फिर बवाल क्यों?
Thu, 03 Sep 2026 05:43 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम।
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 03 Sep 2026 05:43 PM IST
सार
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की कांथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के महिलाओं को लेकर दिए बयान की आलोचना वाली फेसबुक पोस्ट गायब हो गई है। हालांकि, वही पोस्ट इंस्टाग्राम पर अब भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे फेसबुक और इंस्टाग्राम के बीच लिंकिंग के दौरान हुई तकनीकी गड़बड़ी बताया है। वहीं, माकपा और भाजपा ने इस सफाई पर सवाल उठाते हुए सतीशन को निशाना बनाया है।
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वीडी सतीशन, केरल के मुख्यमंत्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन की एक फेसबुक पोस्ट अचानक गायब हो गई है। इस पोस्ट में उन्होंने वरिष्ठ इस्लामिक विद्वान कांथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के महिलाओं को लेकर दिए गए कथित बयान पर सवाल उठाए थे। खास बात यह है कि पोस्ट फेसबुक से गायब है, लेकिन सतीशन के इंस्टाग्राम अकाउंट पर अभी भी मौजूद है। इसके बाद पोस्ट हटाए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
सवाल: पोस्ट में सतीशन ने क्या कहा था?
जवाब: सतीशन ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांथापुरम के बयान का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को घर की चारदीवारी तक सीमित रखने की सोच 19वीं सदी की है। ऐसी सोच आज के प्रगतिशील केरल में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और यूडीएफ सरकार कांथापुरम के इस नजरिये के साथ खड़ी नहीं है। सतीशन ने यह भी कहा कि महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में बराबरी से शामिल होना चाहिए। उन्हें सिर्फ घर तक सीमित रखने की बात किसी भी तरह स्वीकार नहीं की जा सकती।
सवाल: कांथापुरम ने क्या कहा था?
जवाब: विवाद की शुरुआत रविवार को कोच्चि में हुए एक इस्लामिक सम्मेलन से हुई थी। वहां कांथापुरम ने महिलाओं की सार्वजनिक भागीदारी को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से ‘बड़ा विनाश’ हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि महिलाओं को ऐसे हालात से बचाने के लिए इस्लाम में पर्दे की व्यवस्था बताई गई है। उनके इस बयान के बाद केरल की राजनीति में बहस तेज हो गई। सतीशन ने इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे मौजूदा दौर के लिहाज से अनुपयुक्त बताया।
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सवाल: फेसबुक से पोस्ट क्यों गायब हुई?
जवाब: पोस्ट के फेसबुक से गायब होने के बाद सवाल उठने लगे कि क्या इसे जानबूझकर हटाया गया है। इस बीच कांथापुरम से जुड़े सुन्नी मुस्लिम नेताओं ने सतीशन से मुलाकात भी की थी। ये नेता बुधवार को उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचे थे। इसके बाद ऐसी खबरें सामने आईं कि विरोध और दबाव के कारण फेसबुक पोस्ट हटा दी गई। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय ने इन अटकलों को खारिज किया है।
वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि पोस्ट को जानबूझकर नहीं हटाया गया। फेसबुक और इंस्टाग्राम के बीच पोस्ट लिंक होने के दौरान तकनीकी समस्या आई। इसी वजह से पोस्ट फेसबुक से गायब हो गई। सीएमओ का कहना है कि अगर पोस्ट हटाने का फैसला लिया गया होता, तो उसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पोस्ट अभी भी इंस्टाग्राम पर उपलब्ध है।
सवाल: सीएमओ ने और क्या तर्क दिया?
जवाब: अधिकारी ने यह भी कहा कि सतीशन की पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो फेसबुक पर मौजूद है। ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि उनके कार्यालय ने कांथापुरम के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया को फेसबुक से हटाने का फैसला किया। सीएमओ के मुताबिक, पोस्ट के फेसबुक पर उपलब्ध नहीं होने को लेकर सामने आ रही रिपोर्टें भ्रामक हैं। कार्यालय ने इसे तकनीकी गड़बड़ी का नतीजा बताया है, न कि किसी राजनीतिक दबाव का।
सवाल: माकपा ने सीएमओ की सफाई पर क्या कहा?
जवाब: फेसबुक पोस्ट को लेकर माकपा ने सतीशन पर निशाना साधा। पार्टी नेता पी. राजीव ने मुख्यमंत्री कार्यालय की तकनीकी गड़बड़ी वाली सफाई पर तंज कसा। राजीव ने कहा कि ऐसा लगता है कि मेटा के भीतर कोई ‘बरमूडा ट्रायंगल’ है, जहां सतीशन से जुड़ी चीजें अपने आप गायब हो जाती हैं। उन्होंने सीएमओ की सफाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था शायद सिर्फ केरल में ही दिखाई दे रही है।
यह भी पढ़ें: अपनों का दर्द बांट रहे नेपाली: बच्चों ने स्नैक्स के पैसे किए दान, कैसे-कैसे इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे लोग?
सवाल: भाजपा ने सतीशन पर क्या आरोप लगाया?
जवाब: केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी इस मामले को लेकर सतीशन पर हमला बोला। उन्होंने फेसबुक पोस्ट हटाए जाने को ‘पाखंड’ और ‘बेशर्मी’ बताया। चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर कांथापुरम की टिप्पणी की आलोचना वाली पोस्ट वापस लेना सतीशन के महिला सशक्तीकरण के दावों की पोल खोलता है। उन्होंने कहा कि इस कदम से कांग्रेस के रुख पर सवाल खड़े होते हैं।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि केरल में कांग्रेस अब अपने फैसले खुद नहीं ले रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी का प्रभाव बढ़ गया है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता बचाए रखने के लिए कांग्रेस कमजोर हो गई है। उनके मुताबिक, कथित तौर पर रूढ़िवादी ताकतें महिलाओं के अधिकारों को पीछे धकेलने और केरल को पीछे ले जाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, ये आरोप भाजपा अध्यक्ष के हैं और मूल खबर में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण नहीं दिया गया है।
सवाल: क्या कांथापुरम से जुड़े संगठनों ने विरोध किया?
जवाब: सतीशन के बयान के बाद कांथापुरम के नेतृत्व वाले सुन्नी समूह से जुड़े संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इन संगठनों ने सतीशन के बयान पर आपत्ति जताई और उनसे माफी मांगने की मांग की। यही वह घटनाक्रम है जिसके बाद सतीशन की फेसबुक पोस्ट के गायब होने को लेकर राजनीतिक सवाल उठने लगे। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि पोस्ट हटाने के पीछे किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं था।
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सवाल: पोस्ट में सतीशन ने क्या कहा था?
जवाब: सतीशन ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांथापुरम के बयान का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को घर की चारदीवारी तक सीमित रखने की सोच 19वीं सदी की है। ऐसी सोच आज के प्रगतिशील केरल में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और यूडीएफ सरकार कांथापुरम के इस नजरिये के साथ खड़ी नहीं है। सतीशन ने यह भी कहा कि महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में बराबरी से शामिल होना चाहिए। उन्हें सिर्फ घर तक सीमित रखने की बात किसी भी तरह स्वीकार नहीं की जा सकती।
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सवाल: कांथापुरम ने क्या कहा था?
जवाब: विवाद की शुरुआत रविवार को कोच्चि में हुए एक इस्लामिक सम्मेलन से हुई थी। वहां कांथापुरम ने महिलाओं की सार्वजनिक भागीदारी को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से ‘बड़ा विनाश’ हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि महिलाओं को ऐसे हालात से बचाने के लिए इस्लाम में पर्दे की व्यवस्था बताई गई है। उनके इस बयान के बाद केरल की राजनीति में बहस तेज हो गई। सतीशन ने इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे मौजूदा दौर के लिहाज से अनुपयुक्त बताया।
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सवाल: फेसबुक से पोस्ट क्यों गायब हुई?
जवाब: पोस्ट के फेसबुक से गायब होने के बाद सवाल उठने लगे कि क्या इसे जानबूझकर हटाया गया है। इस बीच कांथापुरम से जुड़े सुन्नी मुस्लिम नेताओं ने सतीशन से मुलाकात भी की थी। ये नेता बुधवार को उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचे थे। इसके बाद ऐसी खबरें सामने आईं कि विरोध और दबाव के कारण फेसबुक पोस्ट हटा दी गई। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय ने इन अटकलों को खारिज किया है।
वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि पोस्ट को जानबूझकर नहीं हटाया गया। फेसबुक और इंस्टाग्राम के बीच पोस्ट लिंक होने के दौरान तकनीकी समस्या आई। इसी वजह से पोस्ट फेसबुक से गायब हो गई। सीएमओ का कहना है कि अगर पोस्ट हटाने का फैसला लिया गया होता, तो उसे सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाता। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पोस्ट अभी भी इंस्टाग्राम पर उपलब्ध है।
सवाल: सीएमओ ने और क्या तर्क दिया?
जवाब: अधिकारी ने यह भी कहा कि सतीशन की पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो फेसबुक पर मौजूद है। ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि उनके कार्यालय ने कांथापुरम के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया को फेसबुक से हटाने का फैसला किया। सीएमओ के मुताबिक, पोस्ट के फेसबुक पर उपलब्ध नहीं होने को लेकर सामने आ रही रिपोर्टें भ्रामक हैं। कार्यालय ने इसे तकनीकी गड़बड़ी का नतीजा बताया है, न कि किसी राजनीतिक दबाव का।
सवाल: माकपा ने सीएमओ की सफाई पर क्या कहा?
जवाब: फेसबुक पोस्ट को लेकर माकपा ने सतीशन पर निशाना साधा। पार्टी नेता पी. राजीव ने मुख्यमंत्री कार्यालय की तकनीकी गड़बड़ी वाली सफाई पर तंज कसा। राजीव ने कहा कि ऐसा लगता है कि मेटा के भीतर कोई ‘बरमूडा ट्रायंगल’ है, जहां सतीशन से जुड़ी चीजें अपने आप गायब हो जाती हैं। उन्होंने सीएमओ की सफाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था शायद सिर्फ केरल में ही दिखाई दे रही है।
यह भी पढ़ें: अपनों का दर्द बांट रहे नेपाली: बच्चों ने स्नैक्स के पैसे किए दान, कैसे-कैसे इंसानियत की मिसाल पेश कर रहे लोग?
सवाल: भाजपा ने सतीशन पर क्या आरोप लगाया?
जवाब: केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी इस मामले को लेकर सतीशन पर हमला बोला। उन्होंने फेसबुक पोस्ट हटाए जाने को ‘पाखंड’ और ‘बेशर्मी’ बताया। चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर कांथापुरम की टिप्पणी की आलोचना वाली पोस्ट वापस लेना सतीशन के महिला सशक्तीकरण के दावों की पोल खोलता है। उन्होंने कहा कि इस कदम से कांग्रेस के रुख पर सवाल खड़े होते हैं।
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि केरल में कांग्रेस अब अपने फैसले खुद नहीं ले रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और जमात-ए-इस्लामी का प्रभाव बढ़ गया है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता बचाए रखने के लिए कांग्रेस कमजोर हो गई है। उनके मुताबिक, कथित तौर पर रूढ़िवादी ताकतें महिलाओं के अधिकारों को पीछे धकेलने और केरल को पीछे ले जाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, ये आरोप भाजपा अध्यक्ष के हैं और मूल खबर में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण नहीं दिया गया है।
सवाल: क्या कांथापुरम से जुड़े संगठनों ने विरोध किया?
जवाब: सतीशन के बयान के बाद कांथापुरम के नेतृत्व वाले सुन्नी समूह से जुड़े संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इन संगठनों ने सतीशन के बयान पर आपत्ति जताई और उनसे माफी मांगने की मांग की। यही वह घटनाक्रम है जिसके बाद सतीशन की फेसबुक पोस्ट के गायब होने को लेकर राजनीतिक सवाल उठने लगे। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि पोस्ट हटाने के पीछे किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं था।