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केरल: 'शादी से पहले एचआईवी टेस्ट करना जरूरी', मार थोमा चर्च के पादरी के बयान पर क्यों छिड़ा विवाद?
Thu, 03 Sep 2026 05:30 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम।
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Thu, 03 Sep 2026 05:30 PM IST
सार
केरल के मार थोमा चर्च के पादरी के बयान पर बवाल मचा है। डॉ. के. थॉमस ने एचआईवी टेस्ट जरूरी करने की सलाह दी। उनके बयान का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पादरी की जमकर आलोचना हो रही है।
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शादी से पहले एचआईवी टेस्ट की सलाह
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केरल के मार थोमा चर्च के एक वरिष्ठ पादरी की आलोचना हो रही है क्योंकि उन्होंने सुझाव दिया है कि चर्च में होने वाली शादियों से पहले एचआईवी टेस्ट जरूरी किया जाना चाहिए।
पादरी ने क्या कहा?
मार थोमा चर्च के पादरी और ट्रस्टी रेवरेंड डॉ. के. थॉमस ने हाल ही में चर्च की ओर से आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम में माता-पिता को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने माता-पिता से यह भी कहा कि वे यह पक्का करें कि शादी के लिए चर्च लाने से पहले उनकी बेटी के शरीर का 'गलत इस्तेमाल' न हुआ हो।
इस कार्यक्रम के दौरान पादरी के भाषण का वीडियो गुरुवार को टीवी चैनलों पर दिखाया गया। यह दावा करते हुए कि सरकार ने कॉलेज कैंपस में एचआईवी टेस्ट कराने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि चर्च में शादियों से पहले भी ऐसे टेस्ट होने चाहिए।
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'पारिवारिक कार्यक्रम का मकसद जागरूक करना'
उन्होंने कहा, 'मैं चाहता हूं कि मार थोमा चर्च में होने वाली सभी शादियां ऐसे टेस्ट के बाद ही हों। माता-पिता, मेरी बात का बुरा न मानें।' पादरी ने यह भी कहा कि इस पारिवारिक कार्यक्रम का मकसद माता-पिता को इस बारे में जागरूक करना था। उनकी बातों की सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है और कई लोगों का कहना है कि इससे मार थोमा चर्च के युवाओं का अपमान हुआ है।
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पादरी ने क्या कहा?
मार थोमा चर्च के पादरी और ट्रस्टी रेवरेंड डॉ. के. थॉमस ने हाल ही में चर्च की ओर से आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम में माता-पिता को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने माता-पिता से यह भी कहा कि वे यह पक्का करें कि शादी के लिए चर्च लाने से पहले उनकी बेटी के शरीर का 'गलत इस्तेमाल' न हुआ हो।
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इस कार्यक्रम के दौरान पादरी के भाषण का वीडियो गुरुवार को टीवी चैनलों पर दिखाया गया। यह दावा करते हुए कि सरकार ने कॉलेज कैंपस में एचआईवी टेस्ट कराने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि चर्च में शादियों से पहले भी ऐसे टेस्ट होने चाहिए।
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'पारिवारिक कार्यक्रम का मकसद जागरूक करना'
उन्होंने कहा, 'मैं चाहता हूं कि मार थोमा चर्च में होने वाली सभी शादियां ऐसे टेस्ट के बाद ही हों। माता-पिता, मेरी बात का बुरा न मानें।' पादरी ने यह भी कहा कि इस पारिवारिक कार्यक्रम का मकसद माता-पिता को इस बारे में जागरूक करना था। उनकी बातों की सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है और कई लोगों का कहना है कि इससे मार थोमा चर्च के युवाओं का अपमान हुआ है।