फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Maharashtra Government employees service records online failure update details time will stall salary payments

महाराष्ट्र: सरकारी कर्मचारियों की ‘कुंडली’ अब होगी ऑनलाइन, समय पर जानकारी नहीं भरी तो अटक जाएगा वेतन

Thu, 03 Sep 2026 05:06 PM IST
Sunil Mehrotra सुनील मेहरोत्रा
Updated Thu, 03 Sep 2026 05:06 PM IST
सार

महाराष्ट्र सरकार सरकारी कर्मचारियों का नया ऑनलाइन डेटाबेस तैयार कर रही है। इसमें नियमित के साथ अस्थायी और मानदेय कर्मचारी भी शामिल होंगे। कर्मचारियों की नियुक्ति, वेतन, पद और अन्य जानकारी दर्ज होगी। 

विज्ञापन
Maharashtra Government employees service records online failure update details time will stall salary payments
डेटा नहीं भरा तो रुक सकता है वेतन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महाराष्ट्र सरकार अब अपने हर सरकारी कर्मचारी का पूरा ब्योरा ऑनलाइन दर्ज करने जा रही है। आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय ने सरकारी कर्मचारियों का पूरा और नया रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि इस व्यवस्था के दायरे में केवल नियमित सरकारी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि अस्थायी, काम के हिसाब से रखे गए कर्मचारी, रोज की मजदूरी पर काम करने वाले, आधे समय के लिए रखे गए और तय मानदेय पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल होंगे।सरकार ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा में कर्मचारियों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज नहीं की गई तो इसका सीधा असर वेतन भुगतान पर पड़ सकता है। संबंधित दफ्तरों के वेतन बिल तक रोके जा सकते हैं।

विज्ञापन


इस डेटाबेस का क्या काम? 
सरकार द्वारा तैयार किए जा रहे इस रिकॉर्ड रूम यानी डेटाबेस में हर कर्मचारी की विस्तृत जानकारी दर्ज होगी। इसमें कर्मचारी का सर्विस कोड नंबर, कर्मचारी का नाम, जन्मतिथि, लिंग, पद का नाम, सरकारी सेवा में नियुक्ति की तारीख और रिटायरमेंट की तारीख शामिल है। इसके अलावा भविष्य निधि खाता संख्या, पैन नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल, सामाजिक वर्ग, जाति, धर्म, मूल गांव और किसी भी तरह की शारीरिक अक्षमता से संबंधित जानकारी भी दर्ज करनी होगी। कर्मचारी को अपने वर्तमान पद, प्रमोशन की तारीख और जुलाई 2026 में मिले पूरे वेतन का ब्योरा भी ऑनलाइन भरना होगा।
विज्ञापन


इस से क्या फायदा हो सकता है? 
सरकार का मानना है कि इस पूरे रिकॉर्ड के तैयार होने के बाद राज्य में सरकारी कर्मचारियों की असली संख्या का सही अंदाजा लगाया जा सकेगा। इसके साथ ही अलग-अलग विभागों में खाली पड़े पदों की असली स्थिति और कर्मचारियों की तनख्वाह पर होने वाले कुल खर्च का भी पूरा आंकड़ा सामने आएगा। इससे सरकार को आने वाले दिनों में कर्मचारियों की संख्या, नई भर्ती, खाली पदों की मौजूदगी और वेतन बजट से जुड़े फैसले लेने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अलग-अलग चरणों में होगा लागू
आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय ने इस पूरी प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में लागू करने का कार्यक्रम जारी किया है। संबंधित अधिकारियों को 2 सितंबर से 15 सितंबर 2026 के बीच ऑनलाइन सिस्टम का लॉगिन आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा। इसके बाद 15 सितंबर से 30 नवंबर के बीच कर्मचारियों और उनके पदों से जुड़ी पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहला वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट हासिल करना अनिवार्य होगा।

क्या गलती सुधारने का मौका मिलेगा? 
ऑनलाइन दर्ज की गई जानकारी में किसी तरह की गलती या कमी रह जाने पर उसे सुधारने का भी मौका दिया जाएगा। इसके लिए 1 दिसंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक का समय तय किया गया है। इस दौरान जरूरी बदलाव और सुधार करने के बाद दूसरा सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।

सरकार ने वेतन के भुगतान को भी इस प्रक्रिया से जोड़ दिया है। नवंबर 2026 का वेतन बिल पेश करते समय पहला सर्टिफिकेट लगाना अनिवार्य होगा। इसी तरह फरवरी 2027 के वेतन का बिल, जिसका भुगतान मार्च 2027 में किया जाएगा, पेश करते समय दूसरा सर्टिफिकेट देना जरूरी होगा। दोनों सर्टिफिकेट न होने की स्थिति में संबंधित दफ्तर के वेतन बिल को मंजूरी नहीं दी जाएगी।

खास बात यह है कि यह व्यवस्था केवल उन विभागों तक सीमित नहीं रहेगी जो सीधे सरकारी ट्रेजरी में वेतन बिल पेश करते हैं। ऐसे दफ्तर और संस्थाएं जो सीधे ट्रेजरी में वेतन बिल जमा नहीं करते, उन्हें भी अपने यहां काम कर रहे कर्मचारियों के साथ-साथ खाली पड़े पदों की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी।


इस प्रक्रिया में 1 जुलाई 2026 को सेवा में तैनात कर्मचारियों को शामिल किया गया है। जुलाई 2026 में अपनी इच्छा से रिटायरमेंट (वीआरएस) लेने वाले कर्मचारियों का विवरण भी इस रिकॉर्ड में दर्ज करना होगा। सरकार ने इस बड़ी ऑनलाइन मुहिम के जरिए सरकारी कर्मचारियों से संबंधित आंकड़ों को एक ही जगह लाने और राज्य के सरकारी कर्मचारियों का ज्यादा सही रिकॉर्ड तैयार करने की तैयारी की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed