फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Vasundhara Raje and Shivraj Singh Chauhan claimed the post of Chief Minister in their own style

Politics: वसुंधरा और शिवराज ने अपने-अपने अंदाज में किया मुख्यमंत्री पद पर दावा; जानें अब आगे क्या होगा

Wed, 06 Dec 2023 10:13 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Wed, 06 Dec 2023 10:13 PM IST
विज्ञापन
सार
दिल्ली में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के भावी मुख्यमंत्री को लेकर काफी हलचल है। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक की थी। कुछ अन्य नेताओं की भी राय ली गई।
loader
Vasundhara Raje and Shivraj Singh Chauhan claimed the post of Chief Minister in their own style
वसुंधरा राजे, शिवराज सिंह चौहान। - फोटो : Social Media

विस्तार

मध्य प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया है कि वह दिल्ली नहीं आएंगे। वह छिंदवाड़ा में हैं। शिवराज सिंह चौहान एक संकल्प और दोहरा रहे हैं। वह कहते हैं कि 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश की 29 लोकसभा सीटें जितवाकर देंगे। मुख्यमंत्री के इस जवाब और प्रयास पर भाजपा के कई सांसद मुस्कराकर आगे बढ़ जाते हैं। दरअसल, यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का अपना अंदाज है। जिसके जरिए उन्होंने पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने के लिए अपना दावा जता दिया है। दावा पेश करने के लिए शिवराज ने छत्तीसगढ़ के रमन सिंह और राजस्थान की वसुंधरा राजे से अलग राह चुनी है। इसका एक बड़ा कारण उनका निवर्तमान मुख्यमंत्री होना हो सकता है।



दिल्ली में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के भावी मुख्यमंत्री को लेकर काफी हलचल है। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक की थी। कुछ अन्य नेताओं की भी राय ली गई। बुधवार को इसका असर दिखा। 21 सांसदों ने विधानसभा का चुनाव लड़ा था। 11 जीतकर आए थे और इनमें से 10 सांसदों ने संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसमें कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जैसा कद्दावर चेहरा भी शामिल है। सांसद बालकनाथ रोहतक में होने के कारण बुधवार को इस्तीफा नहीं दे पाए। संभव है कि उनका इस्तीफा 7 दिसंबर को हो।


प्रधानमंत्री ने की मंत्रणा
अमित शाह ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी से भेंट की। प्रधानमंत्री के आवास पर गृह मंत्री की मंत्रणा हुई। माना जा रहा है कि इसमें तीनों राज्यों में भावी सरकार के मुख्य चेहरे को लेकर चर्चा हुई होगी। हालांकि, तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कोई भाजपा का नेता कुछ कहने से बच रहा है। एक केंद्रीय मंत्री ने टिप्पणी में कहा कि आप कयास लगा सकते हैं तो लगाइए। वैसे अपने सदन के नेता का चुनाव विधायक करते हैं और भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है। सूत्र का कहना है कि यहां चेहरे थोपे नहीं जाते। वहीं पत्रकारों के बीच में भी चर्चा तेज है, लेकिन दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय से लेकर संसद भवन तक सभी का कहना है कि किसी चौंकाने वाले नाम को कमान मिल सकती है।

शिवराज ने क्या खुद को मुख्यमंत्री की रेस से बाहर कर लिया?
शिवराज सिंह चौहान ने म.प्र. विधानसभा चुनाव का नतीजा आने के बाद कहा कि वह मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने इसके साथ दो लाइनें और जोड़ीं। पहली यह कि वह दिल्ली नहीं जाएंगे। कांग्रेस के नेता कमलनाथ के क्षेत्र छिंदवाड़ा जाएंगे। दूसरी लाइन में एक संकल्प था कि वह 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री को सभी 29 सीटें जितवाकर देंगे। 2019 के लोकसभा चुनाव में कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ के अलावा विपक्ष का कोई प्रत्याशी नहीं जीता था। 28 सीटें भाजपा के खाते में आई थी। 

शिवराज जब अपना यह संकल्प दोहराते हैं तो इसके साथ म.प्र. सरकार की लाडली बहना योजना को बड़ा श्रेय देना नहीं भूलते। इसके बहाने वह म.प्र. की जनता में अपनी गहरी पैठ का संकेत देते हैं। बुधवार को शिवराज सिंह चौहान ने अपने बयान में थोड़ा सुधार किया। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली नहीं जाएंगे। म.प्र. में ही रहेंगे। पार्टी को लोकसभा की सभी सीटें जितवाकर देंगे और पार्टी का नेतृत्व जो जिम्मेदारी देगा, उसे कुशल सिपाही की तरह निभाएंगे। 

माना जा रहा है कि अपने अंदाज में शालीनता से शिवराज ने अपने दावे में जान डाल दी है। यह शिवराज, वसुंधरा, रमन सिंह सभी को पता है कि प्रधानमंत्री मोदी,  जेपी नड्डा और अमित शाह के लिए अब सबसे अहम 2024 का लोकसभा चुनाव है। इसके लिए वह अधिक जोखिम नहीं लेना पसंद करेंगे।

क्या शिवराज को भाजपा देगी मुख्यमंत्री का ताज?
भाजपा ने शिवराज को मुख्यमंत्री का ताज दिया तो वह पांचवी बार मुख्यमंत्री बनेंगे। हालांकि, इस सवाल का अभी नतीजा ढूंढ पाना बहुत मुश्किल है। भाजपा के तीन प्रवक्ताओं ने नाम न छपने की शर्त पर कहा कि नए चेहरे को मौका मिलने की संभावना अधिक है। तीनों प्रवक्ताओं ने वसुंधरा राजे और रमन सिंह को कमान मिलने की संभावना को खारिज किया। राजस्थान के मामले में कल प्रभारी अरुण सिंह ने साफ कहा था कि भाजपा संसदीय बोर्ड का निर्णय सभी को मानना पड़ेगा। अरुण सिंह ने यह बयान एक बड़ा संदेश देने के लिए दिया था। वहीं शिवराज के समर्थन में एक प्रवक्ता को उम्मीद दिखाई दे रही है। सूत्र का कहना है कि म.प्र. में आखिरी समय में चुनाव प्रचार में शिवराज की भूमिका काफी बढ़ गई थी। शिवराज ने जनसभाएं और मेहनत भी खूब की। दूसरे म.प्र. भाजपा और संघ के संगठन की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए शीर्ष नेतृत्व निर्णय में सभी बिन्दुओं पर विचार करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed