वरुण ने सांसदों के खुद के वेतन वृद्धि की शक्ति पर उठाए सवाल
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भाजपा सांसद वरुण गांधी ने शनिवार को सांसदों द्वारा खुद का वेतन बढ़ाने की शक्ति पर सवाल उठाए हैं। उनका इसके लिए संसद की कार्यवाही के चलने में आ रही कमी का भी जिक्र किया।
एक निजी कॉलेज में उन्होंने कहा कि पिछले छह साल में संसद सदस्यों के वेतन में चार बार बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि 1952 से 1972 के दौरान संसद की कार्यवाही सालभर में 150 दिन चलती थी जबकि अब मात्र 50 दिन चलती है। क्या कोई अपना वेतन खुद बढ़ा या तय कर सकता है। कोई सांसद या विधायक यह कैसे कर सकता है।
वरुण पहले भी सांसदों और विधायकों के खुद का वेतन तय करने की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने संसद में महिलाओं को आरक्षण संबंधित बिल लाने की पैरवी की लेकिन कहा कि यह राजनीतिक नेताओं की बेटियों, पत्नी और सगे संबंधियों के लिए नहीं होना चाहिए। शिक्षिका, किसान, डॉक्टर और वकील जैसी सामान्य महिलाओं को इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।