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Indian Railways: अश्विनी वैष्णव बोले- रेल की पटरियां होंगी स्मार्ट, देखरेख के लिए नया सिस्टम लाने की तैयारी
Thu, 23 Apr 2026 04:24 AM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Thu, 23 Apr 2026 04:24 AM IST
सार
नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, पटरियों की देखरेख के लिए करीब 1800 ट्रैक मशीन हैं, जिन्हें बढ़ाकर तीन हजार करने की योजना है। इन मशीनों की संख्या बढ़ने से ट्रैक की जांच और मरम्मत से जुड़ी पुरानी समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी।
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अश्विनी वैष्णव, रेल मंत्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्र सरकार रेल की पटरियों की देखरेख के लिए नई प्रणाली रेल कम रोड व्हीकल लाने जा रही है। इसके जरिये कर्मचारी अपने औजार और सामान सीधे वाहन में लेकर ट्रैक तक पहुंचेंगे और पटरियों को दुरुस्त करेंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह पायलट प्रोजेक्ट भावनगर डिवीजन में शुरू कर दिया गया है, जहां परीक्षण के बाद ऐसे दो वाहन तैनात किए गए हैं। इससे पटरियां तो स्मार्ट होंगी ही साथ ही सफर भी सुरक्षित होगा।
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'ड्रोन तकनीक और आधुनिक गेज का बढ़ रहा इस्तेमाल'
उन्होंने कहा, पटरियों की जांच को सटीक बनाने के लिए ड्रोन तकनीक और आधुनिक गेज का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इनकी मदद से ट्रैक के मोड और क्रॉसिंग की सही माप ली जा सकेगी, जिससे पहले अनुमान के आधार पर होने वाले काम अब पूरी सटीकता के साथ होंगे। रेल मंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में रेल हादसों में करीब 90% की कमी आई है। अब इसे और कम करते हुए एक अंक तक लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा, पिछले 10 वर्षों में 36,000 किमी नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं।
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नई दिल्ली में अखिल भारतीय ट्रैक मेंटेनर सम्मेलन को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा, पटरियों की देखरेख के लिए करीब 1,800 ट्रैक मशीन हैं, जिन्हें बढ़ाकर तीन हजार करने की योजना है। इन मशीनों की संख्या बढ़ने से ट्रैक की जांच और मरम्मत से जुड़ी पुरानी समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी।
यह भी पढ़ें - पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: वैश्विक मंच पर गूंजी भारत की आवाज, अमेरिका और इस्राइल ने दिया साथ का भरोसा
'कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नया सिस्टम तैयार'
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ट्रैक मेंटेनर रेलवे संचालन की रीढ़ हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कार्यस्थलों पर आधुनिक उपकरण, बेहतर सुरक्षा उपाय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अब मोबाइल फोन आधारित नया सिस्टम तैयार किया गया है। फिलहाल उसका परीक्षण किया जा रहा है।
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'ड्रोन तकनीक और आधुनिक गेज का बढ़ रहा इस्तेमाल'
उन्होंने कहा, पटरियों की जांच को सटीक बनाने के लिए ड्रोन तकनीक और आधुनिक गेज का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इनकी मदद से ट्रैक के मोड और क्रॉसिंग की सही माप ली जा सकेगी, जिससे पहले अनुमान के आधार पर होने वाले काम अब पूरी सटीकता के साथ होंगे। रेल मंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में रेल हादसों में करीब 90% की कमी आई है। अब इसे और कम करते हुए एक अंक तक लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा, पिछले 10 वर्षों में 36,000 किमी नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं।
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नई दिल्ली में अखिल भारतीय ट्रैक मेंटेनर सम्मेलन को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा, पटरियों की देखरेख के लिए करीब 1,800 ट्रैक मशीन हैं, जिन्हें बढ़ाकर तीन हजार करने की योजना है। इन मशीनों की संख्या बढ़ने से ट्रैक की जांच और मरम्मत से जुड़ी पुरानी समस्याएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी।
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'कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नया सिस्टम तैयार'
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ट्रैक मेंटेनर रेलवे संचालन की रीढ़ हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कार्यस्थलों पर आधुनिक उपकरण, बेहतर सुरक्षा उपाय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अब मोबाइल फोन आधारित नया सिस्टम तैयार किया गया है। फिलहाल उसका परीक्षण किया जा रहा है।
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