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बच्चों के लिए वैक्सीन: जॉनसन ने मांगी भारत में ट्रायल की अनुमति, 12-17 वर्ष की उम्र के बच्चों पर होगी स्टडी 

Fri, 20 Aug 2021 11:22 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 20 Aug 2021 11:22 AM IST
सार


एक तरफ भारत बच्चों के लिए विकसित की जा रही वैक्सीन के परीक्षण के अंतिम चरण में है। तो दूसरी तरफ फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने भी बच्चों के लिए बनाई गई वैक्सीन के ट्रायल के लिए भारत सरकार से अनुमति मांगी है। 

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Vaccine for children Johnson seeks permission for trial in India study will be done on children of 12-17 years of age
कोरोना वैक्सीन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को जल्द कोरोना वैक्सीन मिलने की उम्मीद जगी है। फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत में वैक्सीन के ट्रायल के लिए भारत सरकार से अनुमति मांगी है। कंपनी 12 से 17 वर्ष तक के बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल करेगी। उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी कहा है कि बच्चों के लिए विकसित की जा रही वैक्सीन के नतीजे अगले महीने तक आ सकते हैं। 

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अगर, सब कुछ ठीक रहा तो बच्चों को जल्द ही कोरोना वैक्सीन मिल सकती है। एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने भी कुछ दिन पहले बयान दिया था कि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के दूसरे व तीसरे चरण के परीक्षणों के नतीजे सितंबर तक सामने आ जाएंगे।  
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नाक से दी जाएगी वैक्सीन 
पुणे स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी (एनआईवी) की निदेशक डॉ. प्रिया अब्राहम ने बताया कि, बच्चों को लेकर फिलहाल को वैक्सीन का परीक्षण चल रहा है। इस बात की पूरी उम्मीद है कि सिंतबर अंत या अक्तूबर की शुरुआत में बच्चों के लिए वैक्सीन उपलब्ध होगी। डॉ. प्रिया ने बताया कि नाक से दी जाने वाली वैक्सीन और जेनोवा भी आने वाले हैं। जेनोवा वैक्सीन एमआरएनए पर आधारित है। इनके अलावा कोवावैक्स भी जल्द मिल सकती है। नाक से दी जाने वाली वैक्सीन एक अनोखा शोध है, जो कि दुनिया में पहली बार भारत में हुआ है और हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी इस पर काम कर रही है। 
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इस वैक्सीन के आने के बाद टीकाकरण में काफी तेजी आ सकती है। एक बार में 100 से 200 लोगों को महज एक से दो घंटे के बीच वैक्सीन दी जा सकती है। इसका स्कूलों में काफी बेहतर तरीके से प्रयोग किया जा सकता है।

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