मिसाल: गांव वालों को वैक्सीन लगाने के लिए उबड़-खाबड रास्तों पर 10 किमी पैदल चले डीएम, देखें वीडियो
अलीपुरद्वार जिले के एक दूर दराज गांव में लोगों को कोविड टीका लगाने के लिए जिला अधिकारी और वैक्सीनेशन टीम को जंगलों, पहाड़ों और पथरीले रास्तों से होते हुए 10 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी। इसके बाद गांव वालों का टीकाकरण हो सका। इसका वीडियो सामने आने के बाद से लोग अलीपुरद्वार जिले के जिलाधिकारी सुरेंद्र कुमार मीणा की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।
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देश में कोरोना महामारी की दूसरी धीमी पड़ने लगी है, लेकिन वैज्ञानिकों ने तीसरी लहर की आशंका को लेकर चेतावनी दी है। तीसरी लहर की चेतावनी के चलते राज्यों ने टीकाकरण अभियान तेज कर दिए हैं। सरकार का पूरा ध्यान गांवों और दूर-दराज के इलाकों में लोगों को वैक्सीन लगाने पर है। इस बीच, पश्चिम बंगाल की अलीपुरद्वार से सबका ध्यान अपनी ओर खींचने वाली खबर आई है।
अलीपुरद्वार जिले के एक दूर दराज गांव में लोगों को कोविड टीका लगाने के लिए जिला अधिकारी और वैक्सीनेशन टीम को जंगलों, पहाड़ों और पथरीले रास्तों से होते हुए 10 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी। इसके बाद इसके बाद वे अदमा नाम के गांव में पहुंचे और 45 साल से ऊपर वाले लोगों का टीकाकरण किया। इसका वीडियो सामने आने के बाद से लोग अलीपुरद्वार जिले के जिलाधिकारी सुरेंद्र कुमार मीणा की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।
#WATCH | West Bengal: Alipurduar DM Surendra Kumar Meena (in red & white T-shirt) along with health officials trekked more than 10-km through forests & hilly areas to reach a remote village, Adma & conducted a vaccination drive for people above 45 years of age, yesterday pic.twitter.com/7J7diWiE98
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 20, 2021
डीएम सुरेंद्र कुमार मीणा के साथ टीकाकरण के लिए गई टीम में करीब 10 लोग शामिल थे। इनमें एक सुरक्षाकर्मी और एक महिला स्टाफ भी शामिल था। इनके हाथ में वैक्सीन और बाकी सामान है। वीडियो में डीएम खुद हाथ में छड़ी लेकर पथरीला रास्ता पार करते नजर आए।
दूर दराज स्थित पहाड़ी गांव है अदमा
अलीपुरद्वार के जिलाधिकारी सुरेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि अदमा बहुत दूर स्थित एक पहाड़ी गांव है। मैं यहां स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ पहुंचा ताकि 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगाई जा सके और उन लोगों को वैक्सीनेशन सेंटर न आना पड़े। टीकाकरण सेंटर गांव से काफी दूर हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बाद हमने ग्रामीण के बीच मास्क और सैनिटाइजर भी वितरित किए।