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वैक्सीन की किल्लत: अधर में लटका कोरोना टीकाकरण, महाराष्ट्र और दिल्ली में केंद्र करने पड़े बंद
Mon, 24 May 2021 02:45 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 24 May 2021 02:45 AM IST
सार
- 16 जनवरी से देश में शुरू टीकाकरण कार्यक्रम के कुछ दिन बाद से ही वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तकरार देखने को मिल रही है
- अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, बाजार में दवाएं, प्लाज्मा और अब वैक्सीन के लिए भी धक्के खाने पड़ रहे हैं
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राज्यों के पास अभी भी 1.90 करोड़ खुराक उपलब्ध हैं
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कोरोना टीकाकरण
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
कोरोना वायरस से बचने के लिए वैक्सीन की कमी अब नासूर बन चुकी है। महाराष्ट्र और दिल्ली सरकार को पर्याप्त वैक्सीन न होने की वजह से टीकाकरण केंद्रों को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा है।
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वहीं युवाओं के साथ उन लोगों का टीकाकरण भी अधर में रह गया है जिन्हें दूसरी खुराक लगना आवश्यक है। हालांकि वैक्सीन के भंडारण पर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है लेकिन इनसब के बीच आम लोगों का गुस्सा काफी बढ़ता जा रहा है।
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रविवार को दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी 30 वर्षीय तुषार शर्मा ने बताया कि सरकारी सिस्टम पूरी तरह से बेकार हो चुका है। अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, बाजार में दवाएं, प्लाज्मा और अब वैक्सीन के लिए भी धक्के खाने पड़ रहे हैं। वहीं 31 वर्षीय शैफाली लांबा का कहना है कि वह 20 दिन से कोविन वेबसाइट पर अपने पंजीयन का इंतजार कर रही हैं लेकिन अब तक उन्हें मौका नहीं मिल पाया। अगर सरकार के पास वैक्सीन नहीं है तो फिर क्यों दे रहे हैं?
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इन सब के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राज्यों के पास अभी भी 1.90 करोड़ खुराक उपलब्ध हैं। अब तक राज्यों को 21.80 करोड़ से अधिक खुराक मुहैया कराई जा चुकी हैं लेकिन इनमें से 19,50,04,184 खुराक खर्च हुई हैं। इसके अलावा 40,650 खुराक सोमवार तक पहुंच जाएंगी। 16 जनवरी से देश में शुरू टीकाकरण कार्यक्रम के कुछ दिन बाद से ही वैक्सीन की कमी को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तकरार देखने को मिल रही है।
केंद्र सरकार हर बार राज्यों के पास पर्याप्त भंडारण होने का दावा कर रही है। महाराष्ट्र में 18-44 साल के लोगों को फिलहाल वैक्सीन नहीं लगेगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जानकारी दी कि वैक्सीन की सप्लाई में कमी होने की वजह से अभी 18-44 साल के लोगों का वैक्सीनेशन अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है।
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस समय हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता दिल्ली के सभी लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन लगाना है ताकि संभावित तीसरी लहर से लोगों को बचा सकें, दिल्ली के लोगों के लिए हम किसी भी कीमत पर वैक्सीन खरीदने के लिए तैयार हैं।
हमने केंद्र सरकार से भी कहा था कि तीन महीने में ही पूरी दिल्ली को वैक्सीन दे देंगे। दूसरी ओर वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही हैं। जबकि हम जनता के लिए अधिक कीमत चुकाने को भी तैयार हैं।
जून तक 10 करोड़ खुराक से चलाना पड़ेगा काम
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वैक्सीन उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का लगातार काम किया जा रहा है लेकिन यह एक या दो दिन में पूरा नहीं किया जा सकता। अभी जून माह तक के लिए राज्यों को करीब 10 करोड़ खुराक उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। इनमें से पांच करोड़ खुराक केंद्र सरकार निशुल्क उपलब्ध कराने वाली है। हालांकि उन्होंने इस बात से भी इंकार नहीं किया कि जून माह के अंत तक वैक्सीन की कमी बरकरार रहेगी।