US: अमेरिकी सर्जन ने बंदूक हिंसा को सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया, कहा- राइफलों पर रोक लगे
अमेरिका में लगातार बढ़ रही बंदूक हिंसा को देखते हुए अमेरिकी सर्जन जनरल डॉ विके मूर्ति ने सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। अमेरिका में बंदूक हिंसा के कारण हजारों लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल हो गए हैं।
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अमेरिकी सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति ने मंगलवार को बंदूक हिंसा को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट घोषित किया। डॉ. मूर्ति ने कहा कि बंदूकों से होने वाली हिंसा की वजह से घायलों और मरने वाले लोगों संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिसके कारण यह फैसला लिया गया है।
देश के शीर्ष चिकित्सक डॉ. मूर्ति ने इस संबंध मे एक परामर्श जारी कर कहा कि अमेरिका एक बार फिर गर्मी के मौसम में बड़े पैमाने पर गोलीबारी की घटनाओं से जूझ रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं। मूर्ति ने कहा कि अमेरिका एक ऐसी जगह होनी चाहिए जहां जान के खतरा की चिंता के बिना घर से बाहर निकल सकें।
मूर्ति ने आगे कहा कि बंदूक हिंसा को कम करने के लिए स्वचालित राइफलों पर प्रतिबंध लगाने, बंदूक बेचने से पहले अच्छी तरह से जांच होनी चाहिए। साथ ही ऐसे कानून पारित किया जाना चाहिए जिससे कि सार्वजनिक स्थानों पर बंदूकों के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया जा सके।
मूर्ति ने जानकारी देते हुए बताया कि 2022 में बंदूक हिंसा की वजह से 48,000 से अधिक अमेरिकियों की मौत हुई। मूर्ति के बंदूकों के खिलाफ होने की वजह से 2017 में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें बर्खास्त कर दिया था। हालांकि, जो बाइडन ने 2021 में उन्हें फिर से सर्जन जनरल नामित किया था।
अवैध हथियार रखने के मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति का बेटा भी दोषी
अमेरिका की विलमिंगटन, डेलावेयर, संघीय अदालत दो मामलों में राष्ट्रपति जो बाइडन के बेटे हंटर बाइडन दोषी करार दे चुकी है। संघीय अदालत की 12 सदस्यीय ज्यूरी ने सर्वसम्मति से यह फैसला सुनाया था। अमेरिका में ऐसा पहली बार हुआ है, जब मौजूदा राष्ट्रपति के बेटे को किसी अपराध में दोषी पाया गया है। अमेरिका में चुनाव से ठीक पहले हंटर बाइडन को दोषी करार दिया जाने के बाद पिता जो बाइडन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।