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US Election: रोजमर्रा की चीजों की महंगाई से लोकतंत्र-गर्भपात के अधिकार तक, किन मुद्दों पर वोट करेंगे अमेरिकी?
Tue, 05 Nov 2024 10:30 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Tue, 05 Nov 2024 10:30 PM IST
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अमेरिकी चुनाव के मुद्दे
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
अमेरिका में आम चुनाव हो रहे हैं। देश के तमाम हिस्सों में लोग मतदान में हिस्सा ले रहे हैं। विश्व के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र में से एक अमेरिका के लोग इस चुनाव के जरिए अपना चार साल का भविष्य चुनेगा। चुनाव से पहले अंतिम दिनों में राष्ट्रपति चुनाव के दो सबसे बड़े उम्मीदवारों उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मतदाताओं को अपनी-अपनी ओर रिझाने की भरपूर कोशिश की। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों उम्मीदवारों ने एक-दूसरे को घेरने के लिए तमाम मुद्दों का भी सहारा लिया।आइये जानते हैं अमेरिका में चुनाव के मुद्दे कौन से हैं? अमेरिकी लोगों के लिए कौन से मुद्दे कितने अहम हैं? जनता के सामने किस पार्टी ने किस विषय को रखा?
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव 2024
- फोटो :
AMAR UJALA
पहले जानते हैं अमेरिका में चुनाव कब है?
मंगलवार 5 नवंबर 2024 को अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव है। 50 राज्यों के मतदाता मतदान के जरिए अगले चार साल के लिए राष्ट्रपति चुनेंगे। 5 नवंबर को होने वाले चुनाव में मतदाता अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के सदस्यों के लिए भी मतदान करेंगे। कांग्रेस सदस्य कानूनों को पारित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह मुकाबला मौजूदा उपराष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप के बीच होना है।
नए राष्ट्रपति का कार्यकाल जनवरी 2025 से शुरू होकर चार साल चलेगा। राष्ट्रपति के पास कुछ कानून स्वयं पारित करने की शक्ति है, लेकिन अधिकांशतः उन्हें कानून पारित करने के लिए संसद (कांग्रेस) के साथ मिलकर काम करना पड़ता है।
मंगलवार 5 नवंबर 2024 को अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव है। 50 राज्यों के मतदाता मतदान के जरिए अगले चार साल के लिए राष्ट्रपति चुनेंगे। 5 नवंबर को होने वाले चुनाव में मतदाता अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के सदस्यों के लिए भी मतदान करेंगे। कांग्रेस सदस्य कानूनों को पारित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह मुकाबला मौजूदा उपराष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप के बीच होना है।
नए राष्ट्रपति का कार्यकाल जनवरी 2025 से शुरू होकर चार साल चलेगा। राष्ट्रपति के पास कुछ कानून स्वयं पारित करने की शक्ति है, लेकिन अधिकांशतः उन्हें कानून पारित करने के लिए संसद (कांग्रेस) के साथ मिलकर काम करना पड़ता है।
डोनाल्ड ट्रंप, कमला हैरिस
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Amar Ujala
अमेरिकी चुनाव में मुद्दे क्या हैं?
अर्थव्यवस्था: चुनाव में अमेरिकियों के लिए अर्थव्यवस्था सबसे बड़ी चिंता है। यही कारण है कि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों ही प्रचार के अंतिम दिनों में मतदाताओं को यह विश्वास दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं कि वे बेहतर ढंग से अर्थव्यवस्था के मुद्दे को हल कर सकते हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर महामारी के कारण बधित हुई आपूर्ति-श्रृंखला के साथ ही देश की आर्थिक हालत को प्रभावित करने वाले कई वजहों के चलते 40 वर्षों में अमेरिका में सबसे अधिक मुद्रास्फीति है। सर्वे एजेंसी गैलप ने बताया कि 52% अमेरिकी लोग आज चार साल पहले की तुलना में बदतर महसूस करते हैं। गैलप ने अर्थशास्त्रियों के जरिए कहा कि यह मुद्दा महामारी के कारण होने वाले वैश्विक व्यवधानों से भी जुड़ा है।
अर्थव्यवस्था: चुनाव में अमेरिकियों के लिए अर्थव्यवस्था सबसे बड़ी चिंता है। यही कारण है कि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों ही प्रचार के अंतिम दिनों में मतदाताओं को यह विश्वास दिलाने के लिए प्रयास कर रहे हैं कि वे बेहतर ढंग से अर्थव्यवस्था के मुद्दे को हल कर सकते हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर महामारी के कारण बधित हुई आपूर्ति-श्रृंखला के साथ ही देश की आर्थिक हालत को प्रभावित करने वाले कई वजहों के चलते 40 वर्षों में अमेरिका में सबसे अधिक मुद्रास्फीति है। सर्वे एजेंसी गैलप ने बताया कि 52% अमेरिकी लोग आज चार साल पहले की तुलना में बदतर महसूस करते हैं। गैलप ने अर्थशास्त्रियों के जरिए कहा कि यह मुद्दा महामारी के कारण होने वाले वैश्विक व्यवधानों से भी जुड़ा है।
कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप
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अमर उजाला
जीवन यापन के खर्च: एक प्रमुख मुद्दा जीवन यापन की लागत भी है। कोरोना महामारी के बाद कीमतों में उछाल आया। ट्रंप ने अपनी सरकार की नीतियों को लोगों के सामने रखते हुए लगातार दावा किया है कि उनके प्रशासन में रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाला किराने का सामान सस्ता था। उधर अर्थशास्त्रियों के अनुसार, विदेशी वस्तुओं पर सभी तरह के टैरिफ लगाने की उनकी योजना कीमतों में और वृद्धि कर सकती है। हालांकि, सर्वेक्षण इस बात के संकेत दे रहे हैं कि अर्थव्यवस्था के मामले में ट्रंप को हैरिस पर बढ़त हासिल है।
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के देश के आर्थिक मुद्दों को हल करने के अलग-अलग दृष्टिकोण हैं।
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के देश के आर्थिक मुद्दों को हल करने के अलग-अलग दृष्टिकोण हैं।
डोनाल्ड ट्रंप, कमला हैरिस
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एएनआई (फाइल)
गर्भपात का हक: हाल ही में हुए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि दो-तिहाई अमेरिकी मानते हैं कि राष्ट्रपति चुनाव अभियान में स्वास्थ्य सेवा पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए और अगले राष्ट्रपति को अपने पहले वर्ष में कई अहम स्वास्थ्य नीति विकल्पों का सामना करना पड़ सकता है। इनमें से एक मुद्दा गर्भपात के अधिकारों का है जिसके बारे में उम्मीदवारों ने चुनावी मंच से अपने विचार रखे हैं।
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के मतदाताओं के लिए गर्भपात का मुद्दा अहम है। दरअसल, ट्रंप द्वारा नियुक्त एक तिहाई न्यायाधीशों के साथ सुप्रीम कोर्ट ने रो बनाम वेड मामले को पलट दिया था। इस फैसले के बाद हैरिस ने गर्भपात के अधिकारों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला करार दिया है और उन अधिकारों की रक्षा करने का वादा किया है। गर्भपात के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख राज्यों में मतपत्र का सहारा लिया जा रहा है। सर्वे के अनुसार, यह मुद्दा मतदान में लैंगिक अंतर को बढ़ाने में मदद कर रहा है।
उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के मतदाताओं के लिए गर्भपात का मुद्दा अहम है। दरअसल, ट्रंप द्वारा नियुक्त एक तिहाई न्यायाधीशों के साथ सुप्रीम कोर्ट ने रो बनाम वेड मामले को पलट दिया था। इस फैसले के बाद हैरिस ने गर्भपात के अधिकारों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला करार दिया है और उन अधिकारों की रक्षा करने का वादा किया है। गर्भपात के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख राज्यों में मतपत्र का सहारा लिया जा रहा है। सर्वे के अनुसार, यह मुद्दा मतदान में लैंगिक अंतर को बढ़ाने में मदद कर रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस
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अमर उजाला
लोकतंत्र: अमेरिकी चुनाव में लोकतंत्र का मुद्दा भी अहम है। 2020 के चुनाव नतीजों को पलटने की कोशिश करने के बाद न्याय विभाग ने ट्रंप पर चुनाव में हस्तक्षेप का आरोप लगाया था। ट्रंप को 2016 के चुनाव से पहले चुप रहने के लिए पैसे देने के आरोप में दोषी ठहराया गया था। मामले की सुनवाई नवंबर के अंत में तय की गई है, जिसका मतलब है कि यह चुनाव के दिन के बाद होगी।
आव्रजन: ट्रंप के मतदाताओं के लिए आव्रजन की समस्या एक अहम मुद्दा है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि वह अवैध रूप से सीमा पार करने वाले लाखों प्रवासियों को निर्वासित कर देंगे और वह अमेरिकी सीमा को लगभग बंद कर देंगे।
आव्रजन: ट्रंप के मतदाताओं के लिए आव्रजन की समस्या एक अहम मुद्दा है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि वह अवैध रूप से सीमा पार करने वाले लाखों प्रवासियों को निर्वासित कर देंगे और वह अमेरिकी सीमा को लगभग बंद कर देंगे।