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UIDAI: 'अपडेट कराएं बच्चों का आधार बायोमेट्रिक, 5-7 आयु वर्ग के लिए मुफ्त रहेगी सेवा', यूआईडीएआई की अपील
Tue, 15 Jul 2025 07:15 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 15 Jul 2025 07:15 PM IST
सार
UIDAI: यूआईडीएआई ने सात साल से अधिक उम्र के बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट को अनिवार्य बताया है। पांच से सात साल के बच्चों का बायोमैट्रिक अपडेट निशुल्क है, जबकि सात साल के बाद इसे कराने पर 100 रुपये शुल्क लगेगा। समय पर अपडेट न कराने पर बच्चों का आधार निष्क्रिय हो सकता है, इसलिए माता-पिता से जल्द इसे कराने की अपील की गई है।
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Aadhaar Aadhar Card New
- फोटो : istock
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विस्तार
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईएडीआई) ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया है कि जिन बच्चों की उम्र सात साल पूरी हो चुकी है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपने आधार में बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट नहीं कराई है, उनके लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पूरा करना बहुत जरूरी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यह आधार के नियमों के तहत पहले से तय एक प्रक्रिया है। माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चे के आधार विवरण को किसी भी आधार सेवा केंद्र या किसी नामित आधार केंद्र पर जाकर अपडेट करवा सकते हैं।
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पांच से सात साल के बच्चों का निशुल्क होगा बायोमेट्रिक विवरण अपडेट
विज्ञप्ति में बताया गया कि जब कोई बच्चा पांच साल से कम उम्र का होता है, तब आधार में केवल फोटो, नाम, जन्मतिथि, लिंग तथा पता जैसे विवरण भरे जाते हैं। उंगली के निशान और आंखों का स्कैन (आईरिस) बच्चे की परिपक्वता के कारण उस उम्र में नहीं लिए जाते। लेकिन जैसे ही बच्चा पांच साल का होता है, तो उसे अपने आधार में उंगलियों, आंखों का स्कैन और फोटो अपडेट कराना होता है। यह पहला बायोमेट्रिक अपडेट कहलाता है। यदि यह अपडेट पांच से सात साल के बीच करवा लिया जाए, तो यह पूरी तरह से मुफ्त होता है। सात साल के बाद अपडेट कराने पर मात्र 100 रुपये शुल्क लगता है।
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समय पर अपडेट क्यों जरूरी है
अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट समय पर न कराने पर बच्चे का आधार नंबर निष्क्रिय किया जा सकता है। नियमित और सही बायोमेट्रिक डाटा बच्चे के लिए कई सुविधाएं सुनिश्चित करता है— जैसे स्कूल में प्रवेश, परीक्षा पंजीकरण, छात्रवृत्ति, सरकारी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) आदि। इसलिए यूआईडीएआई ने माता-पिता से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों के आधार विवरण प्राथमिकता से अपडेट कराएं। यूआईडीएआई मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजकर माता-पिता को याद दिला रहा है कि वे अपने बच्चों का आधार बायोमेट्रिक्स अपडेट कराएं।
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मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यह आधार के नियमों के तहत पहले से तय एक प्रक्रिया है। माता-पिता या अभिभावक अपने बच्चे के आधार विवरण को किसी भी आधार सेवा केंद्र या किसी नामित आधार केंद्र पर जाकर अपडेट करवा सकते हैं।
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पांच से सात साल के बच्चों का निशुल्क होगा बायोमेट्रिक विवरण अपडेट
विज्ञप्ति में बताया गया कि जब कोई बच्चा पांच साल से कम उम्र का होता है, तब आधार में केवल फोटो, नाम, जन्मतिथि, लिंग तथा पता जैसे विवरण भरे जाते हैं। उंगली के निशान और आंखों का स्कैन (आईरिस) बच्चे की परिपक्वता के कारण उस उम्र में नहीं लिए जाते। लेकिन जैसे ही बच्चा पांच साल का होता है, तो उसे अपने आधार में उंगलियों, आंखों का स्कैन और फोटो अपडेट कराना होता है। यह पहला बायोमेट्रिक अपडेट कहलाता है। यदि यह अपडेट पांच से सात साल के बीच करवा लिया जाए, तो यह पूरी तरह से मुफ्त होता है। सात साल के बाद अपडेट कराने पर मात्र 100 रुपये शुल्क लगता है।
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समय पर अपडेट क्यों जरूरी है
अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट समय पर न कराने पर बच्चे का आधार नंबर निष्क्रिय किया जा सकता है। नियमित और सही बायोमेट्रिक डाटा बच्चे के लिए कई सुविधाएं सुनिश्चित करता है— जैसे स्कूल में प्रवेश, परीक्षा पंजीकरण, छात्रवृत्ति, सरकारी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) आदि। इसलिए यूआईडीएआई ने माता-पिता से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों के आधार विवरण प्राथमिकता से अपडेट कराएं। यूआईडीएआई मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजकर माता-पिता को याद दिला रहा है कि वे अपने बच्चों का आधार बायोमेट्रिक्स अपडेट कराएं।
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