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UPA : यूपीए शासन में बने कई स्वायत्त निकायों का नए सिरे से तय किया जाएगा भविष्य
Sat, 29 Oct 2022 05:45 AM IST
योगेश साहू
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली।
महेंद्र तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 29 Oct 2022 05:45 AM IST
सार
केंद्र स्वायत्त निकायों की आवश्यकता का नए सिरे से आकलन करते हुए उनके युक्तिकरण की योजना पर काम कर रही है। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसरंचना विकास एजेंसी व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी का ग्रामीण विकास विभाग में विलय का प्रस्ताव है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्र सरकार यूपीए शासनकाल में ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन बनाए गए कई स्वायत्त निकायों के भविष्य पर नए सिरे से विचार कर रहा है। इसके अंतर्गत स्वायत्त निकायों को मंत्रालय से संबद्ध विभाग में विलय करने, हटाने या समाप्त करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। विभिन्न स्तर पर विचार-विमर्श के बाद प्रस्तावों को केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष निर्णय के लिए रखने की तैयारी है।
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मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय ग्रामीण अवसरंचना विकास एजेंसी (एनआरआईडीए), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन (बीआरएलएफ), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (एनआरएलपीएस) व राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायतीराज संस्थान (एनआईआरडी एंड पीआर) जैसे स्वायत्त निकाय कार्यरत हैं। इनमें कई यूपीए शासनकाल में अलग-अलग लक्ष्यों व कार्यों के लिए बनाए गए थे।
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मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, केंद्र स्वायत्त निकायों की आवश्यकता का नए सिरे से आकलन करते हुए उनके युक्तिकरण की योजना पर काम कर रही है। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसरंचना विकास एजेंसी व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी का ग्रामीण विकास विभाग में विलय का प्रस्ताव है।
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इन दोनों ही संस्थानों से संबंधित कैबिनेट नोट कैबिनेट सचिवालय को आगे की कार्यवाही के लिए भेज दिए गए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण अवसरंचना विकास एजेंसी के स्थान पर राष्ट्रीय ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास इकाई के रूप में एक परियोजना निगरानी इकाई की स्थापना कर दी गई है। भारतीय ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन के विघटन संबंधी प्रस्ताव को भी मंत्रिमंडल सचिवालय को भेज दिया गया है।
कब बने, काम क्या?
- एनआरआईडीए : केंद्र सरकार प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत देश भर में ग्रामीण सड़कों के निर्माण का काम कर रही है। एनआरआईडीए राष्ट्रीय स्तर पर पीएमजीएसवाई योजना की नोडल कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में काम कर रही है।
- एनआरएलपीएस: वर्ष 2013 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी की स्थापना की थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और उनके मिशन के उद्देश्यों के कार्यान्वयन में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को व्यापक पेशेवर और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए इस सोसाइटी का गठन हुआ था।
- बीआरएलएफ: तीन सितंबर 2013 को इस फाउंडेशन की स्थापना हुई थी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नागरिक समाज संगठनों के साथ साझेदारी में सरकारी योजनाओं व कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन और पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए इसका गठन किया था।
- एनआईआरडी एंड पीआर: इस संस्थान की स्थापना 1958 में मसूरी में राष्ट्रीय सामुदायिक विकास संस्थान के रूप में की गई थी। 1965 में इसे हैदराबाद परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया। 1977 में इसका नाम बदलाकर राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान कर दिया गया। चार दिसंबर 2013 को पंचायतीराज प्रणाली को एकीकृत करने और पंचायतीराज संस्थाओं के पदाधिकारियों के क्षमता निर्माण को मजबूत करने के लिए इसका नाम राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायतीराज संस्थान कर दिया गया। अब इससे ग्रामीण विकास मंत्रालय को अलग करने का प्रस्ताव है।