{"_id":"61a2c4e88e6b394d3325259f","slug":"up-uttarakhand-and-haryana-government-in-preparation-for-compensation-to-the-farmers","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान आंदोलन: मुआवजा देने की तैयारी में यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा सरकार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
किसान आंदोलन: मुआवजा देने की तैयारी में यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा सरकार
Sun, 28 Nov 2021 05:23 AM IST
Jeet Kumar
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली।
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 28 Nov 2021 05:23 AM IST
सार
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी पर सरकार जल्द किसान संगठनों से बातचीत कर सकती है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश, हरियाणा व उत्तराखंड की राज्य सरकारें किसान आंदोलन के दौरान मृत किसान परिवारों के लिए मुआवजा घोषित कर सकती हैं। भाजपा नेतृत्व ने अपने राज्यों में किसानों पर दर्ज मुकदमों की वापसी की प्रक्रिया भी शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है, यूपी सहित पांच राज्यों के चुनाव के मद्देनजर सरकार किसान आंदोलन को जल्द से जल्द सौहार्दपूर्ण तरीके से खत्म कराना चाहती है। पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की घोषणा इसी दिशा में कदम है। हालांकि यह प्रस्ताव सरकार किसान संगठनों से वार्ता के दौरान कई बार दे चुकी है।
विज्ञापन
मृत किसान परिवारों को मुआवजा संभव
सरकार की मुख्य चिंता आंदोलन के दौरान सात सौ से अधिक किसानोंं की विभिन्न कारणों से हुई मौत का मुद्दा है। सूत्रों के मुताबिक, इसके हल के लिए भाजपाशासित राज्य अपनी ओर से मुआवजे की घोषणा कर सकते हैं। गौरतलब है कि आंदोलन के दौरान जिन किसानों की मौत हुई, उनमें ज्यादातर पंजाब के हैं। ऐसे में सरकार को पंजाब सरकार और कांग्रेस पर दबाव बनाने का अवसर भी मिलेगा।
विज्ञापन
गन्ना किसानों को साधेंगे
सरकार पश्चिमी यूपी के गन्ना किसानों को साधने के लिए अहम घोषणा करना चाहती है, इसके लिए शीर्ष स्तर पर माथापच्ची चल रही है।
- एमएसपी पर कानूनी गारंटी आंदोलन का मुख्य मुद्दा है। आरएसएस से जुड़ा भारतीय किसान संगठन भी यही चाहता है। सरकार वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप गठित की जाने वाली कमेटी में इस मुद्दे को भी शामिल करने का प्रस्ताव रख सकती है।