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यूपी चुनाव 2022: सीएम योगी के जरिये हिंदुत्व की राजनीति को धार देगी भाजपा, अयोध्या से लड़ाने पर सहमति
Thu, 13 Jan 2022 04:03 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 13 Jan 2022 04:03 AM IST
सार
भाजपा की रणनीति इस चुनाव में भी बीते दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव की तरह ही हिंदुत्व के साथ सामाजिक न्याय की राजनीति साधे रखने की है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की रणनीति हिंदुत्व के मुद्दे को धार देने की है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ाए जाने पर सैद्धांतिक सहमति तो दे दी, लेकिन मथुरा का विकल्प भी खुला रखा है।
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भाजपा की रणनीति इस चुनाव में भी बीते दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव की तरह ही हिंदुत्व के साथ सामाजिक न्याय की राजनीति साधे रखने की है। इसी के मद्देनजर पार्टी ने योगी के अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को भी चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति बनाई है। मौर्य को कौशांबी की सिराथू या प्रयागराज के फाफामऊ सीट से चुनाव मैदान में उतारने पर विचार किया जा रहा है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, योगी का चुनाव लड़ना तय है।
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पार्टी के पास अयोध्या या मथुरा का विकल्प है। वरिष्ठ नेताओं में इस पर विमर्श जारी है। हालांकि ज्यादातर की राय अयोध्या पर है। इसीलिए सैद्धांतिक सहमति तक बात पहुंची। कुछ नेताओं की राय अब भी मथुरा मुद्दे को धार देने के लिए वहां से उम्मीदवार बनाए जाने की है। लेकिन, मथुरा में मौजूदा विधायक श्रीकांत शर्मा ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।
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गौरतलब है कि राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो जाने के बाद भाजपा परोक्ष रूप से काशी व मथुरा को मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। काशी विश्वनाथ का जीर्णोद्धार हो चुका है। मथुरा के संदर्भ में भी पार्टी बीते कुछ महीने से मुखर हुई है।