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यूपी चुनावः किस्सा कुर्सी का, बाप के सामने बेटा, पति के सामने पत्नी

Fri, 10 Feb 2017 04:38 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 10 Feb 2017 04:38 PM IST
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Up election: Where Relative fighting together

यूपी की अमेठी विधानसभा सीट इस समय प्रदेश की सबसे हॉट सीट बनी हुई है, वजह है इस राजसी सीट पर एक रानी और पटरानी की आपसी टक्कर। अमेठी राजघराने के राजा संजय सिंह की पत्नी अमिता सिंह और पूर्व पत्नी गरिमा सिंह चुनावी मैदान में आमने सामने हैं।

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अपने मान सम्मान के नाम पर गरिमा सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं तो उन्हीं के साथ एक छत के नीचे रहने वाली अमिता सिंह कांग्रेस के टिकट पर उनके सामने हैं। संबंधों की यह लड़ाई अकेले अमेठी में ही नहीं है प्रदेश की कई सीटें ऐसे ही धर्मसंकट की गवाह बनी हुई हैं।
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अमेठी के नजदीक ही रायबरेली की हरचंदपुर विधानसभा सीट पर रोचक मुकाबला है। भाजपा के टिकट पर कंचन लोधी यहां वोटरों को लुभाने का प्रयास कर रही हैं तो उनकी सास गुडिया लोधी ने भी उनके सामने ताल ठोक दी हैं। बुजुर्ग गुडिया इंडियन जस्टिस पार्टी के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं।
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गुडिया भी अपने मान सम्मान के नाम पर चुनावी मैदान में हैं और जनता के सामने इस बात को खूब पेश करती हैं। हालांकि कंचन इस बात को सिरे से खारिज करती हैं, वो कहती हैं कि उन्हें किसी ने मेरे खिलाफ बहकाया है उनके सम्मान में मैने कभी कमी नहीं की।

रायबरेली की दो सीटों पर रोचक मुकाबला

Up election: Where Relative fighting together

रायबरेली की ही एक अन्य सीट पर संबंधों का दिलचस्प मुकाबला है, बछरावां विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के निर्वतमान विधायक रामलाल अकेला रालोद के टिकट पर मैदान में हैं तो अभी तक सपा से टिकट की आस लगाए बैठे उनके बेटे विक्रांत ने निर्दलीय ही चुनाव में ताल ठोक दी है। 

बाप बेटे की इस लड़ाई पर विक्रांत कहते हैं कि चिंता की कोई बात नहीं है राजनीति के गुर मैंने अपने पिता से ही सीखे हैं और जीतने के बाद उनके सिद्धांतों पर आगे बढूंगा। 

इलाहाबाद की दक्षिणी विधानसभा से बसपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे नंद गोपाल नंदी भाजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं तो उनके सामने उनकी ही पत्नी और शहर की मेयर अभिलाषा गुप्ता ने ताल ठोंक दी है। 

इलाहाबाद में नंद कुमार नंदी के सामने उनकी पत्नी

Up election: Where Relative fighting together

खास बात ये है कि कुछ दिन पहले तक ही नंदी ने कांग्रेस की सदस्यता ली थी लेकिन वहां टिकट न मिलता देख उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा ने भी ‌उन्हें टिकट पकड़ाने में देर नहीं की। नंदी को टिकट मिलना था कि उनकी पत्नी अभिलाषा ने भी निर्दलीय ही उनके सामने ताल ठोंक दी। 

इसके अलावा जिले की हडिया विधानसभा सीट पर भी रोचक मुकाबला है। यहां भाजपा ने पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी की पत्नी को टिकट दिया है तो उनके सामने उनके बेटे प्रभात त्रिपाठी ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। हालांकि वह किसी तरह के मतभेद की बात से इंकार करते हैं।

दूसरी ओर बड़ी संख्या में सगे रिश्तेदारों के आमने-सामने चुनाव लड़ने के मामलों को इस तरह भी देखा जा रहा है कि नेताओं ने डमी कैंडीडेट के रूप में उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है, जिससे किसी कारणवश टिकट कैंसिल होने पर उन्हें चुनाव लड़ाया जा सके।

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