नौ महीने पहले ही लिख दी गई थी यूपी फतह की पटकथा
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यूपी विधानसभा चुनाव में जीत की पटकथा नौ माह पहले इलाहाबाद में ही लिखी गई थी। यहां 12 और 13 जून को हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तकरीबन सभी केंद्रीय मंत्री और पार्टी के पदाधिकारियों ने शिरकत की थी। इस दौरान यूपी चुनाव को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई थी। हालांकि भाजपा नेताओं ने अपनी रणनीति को लेकर किसी से भी चर्चा नहीं की थी।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, लाल कृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, नितिन गडकरी, अनंत कुमार, जेपी नड्डा, रवि शंकर प्रसाद, यशवंत सिन्हा, मुख्तार अब्बास नकवी, पीयूष गोयल, सुरेश प्रभू, केशव प्रसाद मौर्य, योगी आदित्यनाथ, सतपाल महाराज के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, रमन सिंह, वसुंधरा राजे, आनंदीबेन पटेल, रघुवर दास, देवेंद्र फणनवीस, मनोहर लाल खट्टर आदि की मौजूदगी में यूपी चुनाव पर दो दिन चर्चा की। हर एक नेता को उनकी जिम्मेदारी दी गई। इस बैठक के पूर्व ही भाजपा के सांसद केशव प्रसाद मौर्य को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था।
चुनाव में 265 प्लस सीट जीतने का दावा था
कार्यकारिणी की बैठक में ही भाजपा ने यूपी विधानसभा चुनाव में 265 प्लस सीट जीतने का दावा किया। इसके बाद चुनाव की तैयारी में पार्टी जुट गई। इस दौरान भाजपा द्वारा नये सिरे से प्रदेश भर में बूथ स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया।
इसी बैठक में तिरंगा यात्रा, युवा सम्मेलन, महिला सम्मेलन, परिवर्तन यात्रा, पिछड़ा वर्ग सम्मेलन आदि कार्यक्रम कराये जाने की रणनीति बनी। ताकि पार्टी वोटरों तक अपनी पैठ बना सके। यूपी के सभी जिलों में ये सभी कार्यक्रम सफलता पूर्ण करवाए गए। पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र देव पांडेय का कहना है कि इन्हीं कार्यक्रमों की बदौलत भाजपा की हर एक वर्ग के वोटरों में पैठ बनी।