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उत्तर प्रदेश चुनाव: भाजपा ने एमपी मॉडल को बनाया अपने प्रचार अभियान का आधार, पांच फरवरी को जारी हो सकता है घोषणापत्र

Thu, 03 Feb 2022 05:17 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Thu, 03 Feb 2022 05:17 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के चुनावी मैनेजमेंट में लगे मध्य प्रदेश के संगठन के नेताओं का कहना है कि इस चुनाव में असली लड़ाई भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच ही है। इसलिए पूरे उत्तर प्रदेश को चुनावी कैंपेन के मद्देनजर छह भागों में बांटा गया है। केंद्रीय स्तर से लेकर राज्य स्तर के नेताओं को हर क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है...

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UP election 2022: BJP made Madhya Pradesh model the basis of its election campaign, election manifesto may be released on February 5
गृह मंत्री अमित शाह डिबाई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए - फोटो : Agency

विस्तार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में फिर से जीत का परचम लहराने के लिए सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी लगातार नई-नई रणनीतियों पर काम कर रही है। पार्टी के नेता डोर-टू-डोर कैंपेन के साथ ही वचुर्अल रैली का भी सहारा ले रहे हैं। अब भाजपा ने मध्यप्रदेश के मॉडल को अपने चुनावी कैंपेन का आधार बनाया है। एमपी में विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा ने जो चुनावी फार्मूला अपनाया था, उसे ही फिर से यूपी के चुनाव में आजमाया जा रहा है। मध्यप्रदेश की ही तरह यहां भी पहले की सरकारों और भाजपा सरकार के दौरान किए गए कामों के फर्क के साथ ही 'कमल शक्ति संवाद अभियान' और 'सुझाव आपका संकल्प हमारा' जैसे चुनावी टैग लाइन को फोकस किया जा रहा है।

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उत्तर प्रदेश के चुनावी मैनेजमेंट में लगे मध्य प्रदेश के संगठन के नेताओं का कहना है कि इस चुनाव में असली लड़ाई भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच ही है। इसलिए पूरे उत्तर प्रदेश को चुनावी कैंपेन के मद्देनजर छह भागों में बांटा गया है। केंद्रीय स्तर से लेकर राज्य स्तर के नेताओं को हर क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के संगठनों में काम करने वाले वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं को कैंपेन और प्रचार की जिम्मेदारी दी गई है। 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिस चुनावी अभियान पर काम किया था लगभग उसी से मिलता जुलता कैंपेन यूपी के लिए भी तैयार किया गया है।
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भाजपा ने मीडिया और प्रचार की जिम्मेदारी भी छह क्षेत्रों में बांटी है। इसके तहत पश्चिमी क्षेत्र में भाजपा प्रवक्ता गोपाल अग्रवाल, ब्रज क्षेत्र में राज्यसभा सांसद जफर इस्लाम और प्रवक्ता मनोज यादव, कानपुर क्षेत्र में मीडिया और प्रचार की जिम्मेदारी गौरव भाटिया देखेंगे। इसी तरह बनारस क्षेत्र में मीडिया और प्रचार का काम प्रवक्ता केके शर्मा और छत्तीसगढ़ के नेता नलनेश ठोकने, लखनऊ क्षेत्र में राष्ट्रीय मीडिया सह प्रभारी संजय मयूख, सांसद सुधांशु त्रिवेदी और गोरखपुर क्षेत्र में प्रवक्ता प्रेम शुक्ला और गुरु प्रकाश को दी गई है।

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'फर्क है' अभियान

इस चुनावी अभियान की मुख्य टैगलाइन 'फर्क है' के तहत मौजूदा योगी आदित्यनाथ सरकार के पांच साल के कामकाज की तुलना पिछली सपा सरकार के दौरान हुए कामों से करने की रणनीति पर भाजपा फोकस करेगी। इसमें अपराधियों पर अंकुश, तुष्टिकरण का खात्मा, राम मंदिर निर्माण कार्य और विश्वनाथ मंदिर के मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए पिछली सरकार के रवैए की तुलना की जा रही है। इसके अलावा सरकार के कार्यों और प्राथमिकताओं को बताते हुए मौजूदा सरकार की उपलब्धियों पर भी फोकस किया जा रहा है। इन्हीं पंच लाइन का सहारा लेकर मध्यप्रदेश में भाजपा ने कांग्रेस की दिग्विजय सिंह सरकार की नाकामियां बताते हुए अपनी उपलब्धियों का जोर-शोर से बखान किया था।

वोटर्स से सीधा संवाद

चुनाव की दूसरी टैग लाइन 'कमल शक्ति संवाद अभियान' के तहत पार्टी ने बूथ से लेकर जिला स्तर पर समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद का सिलसिला शुरू किया है। महिलाओं से संवाद कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि योगी सरकार ने शिक्षा स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर जो नए काम किए हैं, उन उपलब्धियों को महिला, युवा, किसान और समाज के अन्य प्रबुद्ध वर्गों के बीच जाकर संवाद का सिलसिला चलाया जा रहा है। इसके लिए छोटी छोटी टोलियां को लगाया गया है।

घोषणा पत्र के मुद्दों का इनपुट

मध्यप्रदेश में भाजपा ने चुनावी संकल्प पत्र अर्थात घोषणा पत्र बनाने के लिए सभी जिलों में जाकर लोगों से सुझाव मांगे थे। इसमें कई वरिष्ठ नेताओं का लगाया गया था, जिन्होंने विभिन्न वर्गों से चर्चा कर यह जानने की कोशिश की थी कि घोषणा पत्र में किन मुद्दों को शामिल किया जाए। अब यही प्रयोग यूपी के चुनाव में भी अपनाया जा रहा है। समाज के सभी वर्गों के मतदाताओं के बीच जाकर क्षेत्रीय नेता ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि सरकार की प्राथमिकता क्या हो, किन कार्यों को घोषणा पत्र में शामिल किया जाए और जनता की उम्मीदें क्या हैं। ऐसे तमाम बिंदुओं को सुझाव के तौर पर मांगा जा रहा है।

पांच फरवरी को आएगा भाजपा का घोषणा पत्र!

भाजपा विधानसभा चुनाव के लिए पांच फरवरी को अपना घोषणा पत्र जारी करेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में घोषणा पत्र जारी किया जाएगा। घोषणा पत्र में शिक्षा के साथ युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर फोकस किया जाएगा। वहीं किसानों की आय दोगुनी करने, किसानों को कृषि से जुड़े मामलों में रियायत देने जैसे मामलों को भी शामिल किया जा सकता है।



भाजपा आधी आबादी को साधने के लिए भी महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार के साथ सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी घोषणा कर सकती है। पूर्वांचल और कानपुर-बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास के लिए भी खास योजनाओं को संकल्प पत्र में घोषित किया जा सकता है। कानून एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों के लिए पुलिस को सुदृढ़ बढ़ाने के लिए नई भर्तियों सहित अन्य कार्यों को भी शामिल किया जा सकता है।

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