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यूपी बोर्ड हाईस्कूल-इंटरमीडिएट : 75 फीसदी से कम रही उपस्थिति तो नहीं दे पाएंगे परीक्षा

Sun, 05 Aug 2018 04:52 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sun, 05 Aug 2018 04:52 AM IST
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UP Board High School - Intermediate: Can not give attendance less than 75 percent
परीक्षा देते परीक्षार्थी (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला

यूपी बोर्ड से हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की परीक्षा देने जा रहे छात्र-छात्राएं अब सावधान हो जाएं। कक्षा में 75 फीसदी से कम उपस्थिति होने पर उन्हें परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया जाएगा। बोर्ड की ओर से जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि जिला विद्यालय निरीक्षक अपने जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश दें कि इस नियम को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। बोर्ड की ओर से नया नियम लागू होने के बाद अब यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों में कक्षा में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

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यूपी बोर्ड की ओर से इन दिनों हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के लिए फार्म भरे जा रहे हैं। शासन की ओर से अबकी बार यूपी अधिनियम में पहले से मौजूद 75 फीसदी उपस्थिति के मामले को पूरी सख्ती से लागू करने का फैसला किया गया है। बोर्ड की ओर से जारी नियमावली में कहा गया है कि नौवीं-दसवीं तथा ग्यारहवीं-बारहवीं में 75 फीसदी से कम उपस्थिति होने की दशा में विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते हैं। बोर्ड की ओर से नया नियम जारी होने के बाद यूपी बोर्ड से जुड़े स्कूलों में प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी कि वह किस प्रकार से स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाएं।
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यूपी बोर्ड परीक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति का नियम लागू किए जाने पर प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश प्रवक्ता एसपी तिवारी का कहना है कि यह नियम यूपी बोर्ड की नियमावली में पहले से शामिल है, परंतु बोर्ड की ओर से नियम को सख्ती से लागू नहीं नहीं किया गया। अबकी बार बोर्ड की ओर से यह 75 फीसदी उपस्थिति के नियम को परीक्षा फार्म भरने के दौरान ही सख्ती से लागू करने के निर्देश के बाद स्कूलों में सुधार आएगा। उनका कहना है कि हाईस्कूल में अध्यापक कक्षा में शिक्षक डायरी पर उपस्थिति दर्ज करता है, जबकि इंटरमीडिएट में लेक्चरर रजिस्टर पर उपस्थिति दर्ज की जाती है।
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इसके अतिरिक्त कक्षा में दोनों पाली में उपस्थिति दर्ज की जाती है। बोर्ड को चाहिए कि कक्षा में दोनों पालियों की उपस्थिति नहीं बल्कि शिक्षक डायरी और लेक्चरर रजिस्टर से उपस्थिति की जांच करें, इससे हर कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, यह यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों के हित में होगा। उन्होंने बोर्ड से यह मांग की है कि परीक्षा से पहले प्रवेश पत्र जारी करते समय इस नियम को लागू करने के लिए स्कूलों को अभी से तैयार किया जाए।

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