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UNSC: मुंबई 26/11 की सर्वाइवर नर्स अंजलि ने साझा किया अपना दुख-दर्द, कहा- कसाब को हमले का जरा भी अफसोस नहीं था
Fri, 16 Dec 2022 02:07 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
एएनआई, मुंबई
एएनआई, मुंबई
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 16 Dec 2022 02:07 AM IST
सार
26/11 मुंबई आतंकी हमलों की सर्वाइवर नर्स अंजलि कुलथे ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद बैठक को वीडियो लिंक के माध्यम से संबोधित करते हुए पीड़ितों के डर को साझा किया। उन्होंने कहा कि मैं आतंकी हमलों के पीड़ितों के परिवारों द्वारा सहे गए आघात और दुख की आवाज UNSC के संज्ञान में लाना चाहती हूं।
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अंजली कुलथे
- फोटो : ANI
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विस्तार
मुंबई 26/11 हमले में कई लोगों की जान बचाने वाली स्टाफ नर्स अंजलि कुलथे ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के साथ अपना दुख-दर्द साझा किया। उन्होंने यूएनएससी को बताया कि जब वह जेल में बंद पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब से मिलीं तो उसे अपनी करनी पर जरा सा भी अफसोस नहीं था।
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‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद बैठक : आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक रूख : चुनौतियां और आगे का रास्ता’ को वीडियो लिंक के माध्यम से संबोधित करते हुए कुलथे ने हमला पीड़ितों के डर को साझा किया। हमले के वक्त कामा एंड आलब्लेस हॉस्पिटल फॉर वुमेन एंड चिल्ड्रेन में स्टाफ नर्स के तौर पर काम कर रहीं कुलथे ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों को बताया कि जीवित पकड़े जाने के बाद कसाब से वह जेल में मिली थीं। अफजल कसाब को करनी पर जरा भी अफसोस नहीं था।
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कुलथे ने कसाब सहित दो आतंकवादियों को अस्पताल के दरवाजे से घुसते और सुरक्षा गार्डों को गोली मारते हुए देखा था। बता दें कि मुंबई में पांच महत्वपूर्ण जगहों पर पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने एक साथ बंदूकों और बम से हमला कर दिया था। इन हमलों में 166 लोगों की मौत हुई थी और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
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लश्कर के आतंकवादियों ने मुंबई की पांच जगह छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन, नरीमन हाउस के व्यवसायों और आवासीय परिसर, कामा अस्पताल, लियोपोल्ड कैफे, ओबेरॉय-ट्राइडेंट होटल और ताज होटल एंड टावर को निशाना बनाया था। इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद के कारण चुकायी जाने वाली मानव जीवन की कीमत की यादें साझा करने के लिए कुलथे को धन्यवाद दिया और उन्हें 26/11 हमले की बहादुर पीड़िता बताया।
अल्बलेस अस्पताल की नर्स अंजलि विजय कुलथे ने हमले के आतंकवादियों द्वारा गोलीबारी के बीच 20 गर्भवती महिलाओं की जान बचाई थी। यूएनएससी में कुलथे ने कहा कि मुझे अजमल कसाब की पहचान के लिए बुलाया गया, उसने हंसते हुए कहा कि मैंने उसे सही पहचाना और वह केवल अजमल कसाब था। इतने लोगों को मारने के बाद भी उसके चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था। अंजलि कुलथे ने कहा कि 26/11 हमले के दौरान नाइट ड्यूटी पर थी। उन्होंने कहा कि सीएसएमटी स्टेशन पर फायरिंग की जानकारी मिली थी। उसके बाद आतंकी अस्पताल में घुस आए। उन्होंने हम पर भी गोली चलाई। घटना में मेरा सहयोगी घायल हो गया।