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Unnao Rape Case: उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता पहुंची सुप्रीम कोर्ट, काउंटर केस दिल्ली स्थानांतरित कराने की मांग
Sat, 13 Aug 2022 10:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 13 Aug 2022 10:22 PM IST
सार
काउंटर केस के तौर पर नाबालिग याचिकाकर्ता, उसके चाचा और उसकी मां के खिलाफ आईपीसी की धारा-419, 420, 467, 468 और 471 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल)
- फोटो : Social Media
विस्तार
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर की है। याचिका में आरोपी शुभम सिंह के पिता की ओर से दाखिल काउंटर केस को दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की गई है। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी पर पहले से ही दिल्ली में मुकदमा चल रहा है। नाबालिग याचिकाकर्ता ने अंतरिम राहत के तौर पर उसके खिलाफ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, उन्नाव द्वारा जारी गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) पर रोक लगाने की भी मांग की है।
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दरअसल, काउंटर केस के तौर पर नाबालिग याचिकाकर्ता, उसके चाचा और उसकी मां के खिलाफ आईपीसी की धारा-419, 420, 467, 468 और 471 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। याचिका में याचिकाकर्ता की व्यक्तिगत सुरक्षा और जीवन पर स्पष्ट, गंभीर और वास्तविक जोखिम पर प्रकाश डाला गया है।
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सुरक्षा पर गंभीर खतरा
इसमें कहा गया कि अगर उसे उन्नाव जिले में आपराधिक मुकदमे का सामना करने के लिए मजबूर किया जाता है, तो उसकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा हो सकता है। इसकी वजह यह बताई गई है कि वहां 2017 में राजनीतिक रूप से शक्तिशाली लोगों द्वारा उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था।
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2019 में दिल्ली स्थानांतरित किया गया था मामला
2019 में जब याचिकाकर्ता दिल्ली से उन्नाव जा रही थी तो एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हुई। जिसमें उसकी दो मौसियों का निधन हो गया था जबकि वकील व याचिकाकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2019 में उसके और उसके परिवार के जीवन के लिए गंभीर खतरे को देखते हुए दुष्कर्म और उसके पिता की हत्या से संबंधित सभी मामलों को लखनऊ से तीस हजारी कोर्ट, दिल्ली स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था। साथ ही याचिकाकर्ता और उसके परिवार को एक सीआरपीएफ बटालियन द्वारा सुरक्षा प्रदान की गई थी।
दिल्ली की कोर्ट ने सुनाई थी सजा
दिल्ली की कोर्ट ने दिसंबर 2019 में भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को 2017 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव में लड़की के अपहरण और बलात्कार के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पीड़िता उस समय नाबालिग थी। सेंगर की अपील दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। निचली अदालत ने सेंगर को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (2) सहित विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया था।