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यूएनएससी: भारत, जर्मनी, ब्राजील और जापान को UN की स्थाई सदस्यता देनी चाहिए, ब्रिटेन के विदेश मंत्री का आह्वान
Thu, 21 Sep 2023 08:19 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 21 Sep 2023 08:19 AM IST
सार
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जेम्स क्लेवर्ली ने कहा कि यूके संयुक्त राष्ट्र के विस्तार का समर्थन करता है। हमें लगता है कि भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान को संयुक्त राष्ट्र की स्थाई सदस्यता दे देनी चाहिए।
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James Cleverly
- फोटो : Social Media
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विस्तार
ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवर्ली ने संयुक्त राष्ट्र के विस्तार और जर्मनी, ब्राजील और जापान को संयुक्त राष्ट्र निकाय की स्थाई स्दस्यता के लिए भारत की बोली का समर्थन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण अफ्रीका विश्व स्तर पर ऊंची आवाज का हकदार है।
काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए क्लेवरी ने कहा, 'दुनिया हमारे सामने जो भी चुनौतियां पेश करती है वह काफी बड़ी होती है। हमारे पार सकारात्मक भाव से प्रगति करने का अवसर है। हमारे पास अवसर है कि हम सतत विकास को लक्ष्यों को पटरी पर ला सकते हैं।'
इससे यह समझा जा सकता है कि हम अपने पारंपरिक मित्र देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसका यह भी मतलब है कि हमें दुनिया में उभरती शक्तियों को भी आवाज देनी होगी। यूके संयुक्त राष्ट्र के विस्तार का समर्थन करता है। हमें लगता है कि भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान को संयुक्त राष्ट्र की स्थाई सदस्यता दे देनी चाहिए। अफ्रीका भी विश्व स्तर पर ऊंची आवाज का हकदार है।
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क्लेवरी ने अपने बीजिंग दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने चीनी सरकार से उन क्षेत्रों के बारे में बात की जहां दोनों देश एक-दूसरे से असहमत हैं। ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने उईगुर मुस्लमानों और कई अन्य मुद्दों जैसे आर्थिक सुधार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कैसे लाभ उठाया जाए, पर बातचीत की गई।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात की। उन्होंने बताया कि पुतिन का मानना है कि वह यूक्रेन और दुनिया भर के देशों पर हावी हो सकता है, लेकिन वह गलत है। उन्होंने यूक्रेन को हथियार और सैन्य सहायता प्रदान करने के लिए अमेरिका की सराहना की। क्लेवरी ने कहा कि अमेरिका और अन्य देशों ने यूक्रेन की मदद करके यूक्रेनियों को लड़ने का मौका देकर उनकी एक अलग पहचान बनाई है।
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काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए क्लेवरी ने कहा, 'दुनिया हमारे सामने जो भी चुनौतियां पेश करती है वह काफी बड़ी होती है। हमारे पार सकारात्मक भाव से प्रगति करने का अवसर है। हमारे पास अवसर है कि हम सतत विकास को लक्ष्यों को पटरी पर ला सकते हैं।'
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इससे यह समझा जा सकता है कि हम अपने पारंपरिक मित्र देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसका यह भी मतलब है कि हमें दुनिया में उभरती शक्तियों को भी आवाज देनी होगी। यूके संयुक्त राष्ट्र के विस्तार का समर्थन करता है। हमें लगता है कि भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान को संयुक्त राष्ट्र की स्थाई सदस्यता दे देनी चाहिए। अफ्रीका भी विश्व स्तर पर ऊंची आवाज का हकदार है।
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क्लेवरी ने अपने बीजिंग दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने चीनी सरकार से उन क्षेत्रों के बारे में बात की जहां दोनों देश एक-दूसरे से असहमत हैं। ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने उईगुर मुस्लमानों और कई अन्य मुद्दों जैसे आर्थिक सुधार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कैसे लाभ उठाया जाए, पर बातचीत की गई।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बात की। उन्होंने बताया कि पुतिन का मानना है कि वह यूक्रेन और दुनिया भर के देशों पर हावी हो सकता है, लेकिन वह गलत है। उन्होंने यूक्रेन को हथियार और सैन्य सहायता प्रदान करने के लिए अमेरिका की सराहना की। क्लेवरी ने कहा कि अमेरिका और अन्य देशों ने यूक्रेन की मदद करके यूक्रेनियों को लड़ने का मौका देकर उनकी एक अलग पहचान बनाई है।